
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद संगठन में बड़ा फेरबदल तय है और इसके संकेत अब साफ नज़र आने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 21 जुलाई से पहले नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। यह फैसला संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले लिया जाएगा ताकि संगठन और सरकार के बीच तालमेल नए चेहरों के साथ मजबूत किया जा सके।
पार्टी सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना समेत पांच राज्यों में पहले प्रदेश अध्यक्ष बदले जाएंगे। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। हमेशा की तरह, सर्वसम्मति से चयन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और संभावना है कि सिर्फ एक ही नामांकन दाखिल किया जाएगा।
क्यों जरूरी हो गया है नेतृत्व परिवर्तन?
पार्टी के अंदरूनी विश्लेषण के अनुसार, 2024 के चुनाव में भाजपा को बहुमत से दूर रहने का कारण OBC और दलित वोटर्स की उदासीनता रहा। ऐसे में पार्टी OBC चेहरा अध्यक्ष बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही थी। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी खुद OBC वर्ग से आते हैं, इसलिए सोशल इंजीनियरिंग के संतुलन को लेकर मतभेद भी उभरे।
एक वरिष्ठ रणनीतिकार ने कहा, “मोदी जी को जनता उनकी जाति के लिए नहीं, बल्कि गवर्नेंस और हिंदू हृदय सम्राट की छवि के लिए वोट देती है।” अप्रैल में जातिगत जनगणना कराने की घोषणा के बाद पार्टी OBC चेहरा चुनने के दबाव से कुछ हद तक मुक्त हुई है।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में ये चेहरे सबसे आगे
शिवराज सिंह चौहान
➡️ चार बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
➡️ मौजूदा कृषि मंत्री
➡️ OBC वर्ग से आते हैं
➡️ संगठन और RSS में मजबूत पकड़
धर्मेंद्र प्रधान
➡️ केंद्रीय शिक्षा मंत्री
➡️ ओडिशा से हैं, जहां BJP ने पहली बार सरकार बनाई
➡️ मोदी और शाह के करीबी
➡️ OBC और ABVP बैकग्राउंड
सुनील बंसल
➡️ 2014 में UP में BJP की जीत में बड़ा रोल
➡️ बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना में पार्टी के प्रदर्शन के नायक
➡️ मजबूत रणनीतिकार, RSS का भरोसेमंद नाम
दक्षिण से भी कई नाम चर्चा में
➡️ डी. पुरंदेश्वरी (आंध्र प्रदेश) – NTR की बेटी, दक्षिण में भाजपा का चेहरा
➡️ वानति श्रीनिवासन और तमिलिसाई सौंदर्यराजन – तमिलनाडु से आती हैं, संगठन में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की संभावना
अभी तय नहीं है कोई नाम, संघ और BJP में मंथन जारी
सूत्रों के मुताबिक, अभी कोई नाम फाइनल नहीं है। न ही तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। लेकिन एक बात तय मानी जा रही है – बिहार विधानसभा चुनाव की अगुवाई नए अध्यक्ष के नेतृत्व में ही होगी।
क्या दक्षिण भारत से होगा अध्यक्ष?
संघ और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस वक्त संगठन महामंत्री, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और OBC मोर्चा जैसे प्रमुख पदों पर दक्षिण भारतीय चेहरे हैं, ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद गैर-दक्षिण भारतीय नेता को दिए जाने की संभावना ज़्यादा है।
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