
दिल्ली के संसद भवन से जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रहीं है, तो पूरा देश टकटकी लगाए बैठा हुआ है। टैक्स देने वाले हों, व्यापारी हों या युवा, सबकी नजर इस बजट पर थी। अपने चिर-परिचित शांत लेकिन मजबूत अंदाज़ में वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की नींव रखने वाला दस्तावेज़ है। उन्होंने बताया कि आने वाले साल का बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और यह तीन बड़े कर्तव्यों पर आधारित है। सरकार का मकसद साफ है — भारत को सिर्फ दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना।
तीन कर्तव्यों पर टिका बजट 2026
वित्त मंत्री ने संसद में बताया कि यह बजट तीन अहम जिम्मेदारियों पर आधारित है।
आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाना
हर नागरिक की उम्मीदों को पूरा करना
सबको समान अवसर देकर सबका विकास सुनिश्चित करना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बीते 12 वर्षों में जिस तरह से आर्थिक सुधार किए हैं, उसी दिशा में यह बजट एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।
सरकार का रिपोर्ट कार्ड: 12 साल की स्थिरता और 7% ग्रोथ
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 12 सालों में देश की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई पर काबू रखा गया है। भारत आज 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वैश्विक सप्लाई चेन की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता के बावजूद भारत अपने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाएं
इस बजट में सरकार ने उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर सबसे ज्यादा फोकस रखा है।
फ्रेट और रेल कॉरिडोर
पश्चिम बंगाल के डानकुनी से नया फ्रेट कॉरिडोर
पूर्व में डानकुनी से पश्चिम में सूरत तक पोर्ट कनेक्टिविटी
कार्गो ट्रांसपोर्ट के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, सिलिगुड़ी–वाराणसी जैसे रूट्स पर हाईस्पीड रेल बनेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए
12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) तय किया है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से ज्यादा है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों को नई पहचान देने के लिए भी भारी निवेश किया जाएगा।
रेयर अर्थ मिनरल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर
डेडिकेटेड मिनरल पार्क
सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0
देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन मजबूत होगी
इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग
मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए
40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
दो हाई-टेक टूल रूम बनाए जाएंगे, जहां टनल बोरिंग मशीन से लेकर हाई प्रिसिजन कंपोनेंट्स तक बनाए जाएंगे।
हेल्थकेयर और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान
सरकार ने हेल्थ सेक्टर में बड़ा दांव खेला है।
बायो-फार्मा शक्ति योजना – ₹10,000 करोड़
तीन नए बायो-फार्मा संस्थान
1 लाख स्पेशलिस्ट हेल्थ प्रोफेशनल
1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग
आयुर्वेद के तीन नए AIIMS
आयुर्वेदिक दवाओं के लिए नेशनल टेस्टिंग लैब
जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर
भारत को मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल हब बनाने के लिए 5 रीजनल मेडिकल हब भी बनाए जाएंगे।
नॉर्थ ईस्ट और बौद्ध सर्किट
अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा में
बौद्ध सर्किट बनाए जाएंगे, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
टैक्स से जुड़ी बड़ी राहत
सरकार ने आम लोगों को टैक्स में बड़ी राहत दी है।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स नहीं
ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर टैक्स 5% से घटाकर 2%
एजुकेशन और मेडिकल खर्च पर भी टैक्स 2%
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू
नए आसान फॉर्म, ताकि आम आदमी खुद भर सके
MSME और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा पैकेज
सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड
ट्रांजेक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम
क्रेडिट गारंटी सपोर्ट
माइक्रो इंटरप्राइजेज को सीधी मदद
टियर-2 और टियर-3 शहरों तक स्किल ट्रेनिंग
टेक्सटाइल और खादी को नई उड़ान
मेगा टेक्सटाइल पार्क
नेशनल फाइबर स्कीम
एडवांस्ड फाइबर और मैन-मेड फाइबर
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी
खादी के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट को बढ़ावा
शहरों और राज्यों को मजबूती
16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू
ग्रामीण और शहरी विकास के लिए ₹1.4 लाख करोड़
सरकार का लक्ष्य:
2031 तक कर्ज GDP के 50% के आसपास
राजकोषीय घाटा 4.5% से नीचे
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