
संसद का शीतकालीन सत्र जारी है और 11वें दिन भी सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। बीजेपी सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से माफी की मांग करते हुए तीखा हमला बोला। मामला कांग्रेस की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारों से जुड़ा है।
जेपी नड्डा का कांग्रेस पर तीखा हमला
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द कहे गए और उनका अपमान किया गया।
जेपी नड्डा ने कहा कि इस तरह के नारे कांग्रेस पार्टी की सोच और मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ इस तरह की बातें करना और उनकी मौत की कामना करना शर्मनाक है।
जेपी नड्डा ने मांग की कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पूरे देश से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजनीति का स्तर गिरा दिया है और यह नामदारों की झुंझलाहट को दर्शाता है।
राहुल और खरगे माफी मांगें: किरेन रिजिजू
सदन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को संसद सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“देश की जनता ने सुना कि कांग्रेस पार्टी की रैली में क्या कहा गया? लोकतंत्र में हम सब सहयोगी हैं, दुश्मन नहीं। लेकिन कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसा घटिया और शर्मनाक स्तर पहले कभी नहीं देखा गया। संसद का सत्र चल रहा है और कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।”
निरंजन ज्योति का उदाहरण दिया
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को याद दिलाया कि 2014 में भाजपा सांसद रहीं निरंजन ज्योति ने विपक्ष के एक नेता के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत उनसे संसद में माफी मांगने को कहा था और निरंजन ज्योति ने माफी मांगी थी।
रिजिजू ने कहा, “लोकतंत्र में भाषा का स्तर क्या होना चाहिए, यह सभी को समझना चाहिए। भाजपा और एनडीए की तरफ से कभी किसी नेता के लिए ‘मौत’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया।”
राजनीतिक विरोध हो, लेकिन मर्यादा जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “हम एक-दूसरे का कितना भी विरोध करें, फिर भी हम सम्मान के साथ एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। राजनीतिक लड़ाइयां अलग होती हैं, लेकिन कोई भी किसी दूसरे व्यक्ति को मारने के बारे में सोचता या बोलता नहीं है।”
क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली से जुड़ा है।
सोशल मीडिया पर रैली के वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा रैली में जाते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। इसी को लेकर संसद के भीतर और बाहर सियासी घमासान तेज हो गया है।
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