
संभल। 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद एक बार फिर संभल सुर्खियों में है। स्थानीय हिंदू संगठनों ने आशंका जताई है कि हिंसा में शामिल आरोपियों की जेल से रिहाई होने पर जिले की शांति खतरे में पड़ सकती है। इसी को लेकरसनातन सेवक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रमुख आरोपियों की रिहाई पर रोक लगाने की मांग की है।संघ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि 24 नवंबर की घटना में दंगाइयों ने हिंदू समुदाय को निशाना बनाया था। इस दौरान कई दुकानों और घरों को नुकसान पहुंचाया गया। उनका आरोप है कि यह हमला योजनाबद्ध था, ताकि जिले का माहौल बिगाड़ा जा सके। संगठन का कहना है कि यदि आरोपी जेल से बाहर आए तो दोबारा दंगा भड़क सकता है।
ज्ञापन सौंपकर जताई चिंता
सनातन सेवक संघ के कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उप जिलाधिकारी विकास चंद्र को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जिला प्रशासन और पुलिस सतर्कता बरतें और किसी भी हालत में गंभीर आरोपियों को जेल से बाहर न आने दिया जाए।
प्रशासन सतर्क, पुलिस अलर्ट
संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की समीक्षा कानून के अनुसार होगी। निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी, लेकिन दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। संभल में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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