
नई दिल्ली/श्रीनगर। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद जहां देश भर में आक्रोश है, वहीं श्रीनगर में फंसे हजारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी अब प्राथमिकता बन चुकी है। इस बीच नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे उड़ानों की संख्या बढ़ाएं, यात्रियों से कैंसलेशन व रीशेड्यूलिंग चार्ज न लें, और टिकट की कीमतें स्थिर रखें।
DGCA की एडवाइजरी में क्या है खास
कैंसलेशन व रीशेड्यूलिंग चार्ज माफ।
टिकट की कीमतों में वृद्धि नहीं होगी।
श्रीनगर से देशभर के शहरों के लिए अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था।
घबराए यात्रियों को राहत और सुरक्षा की प्राथमिकता।
DGCA ने 23 अप्रैल को जारी एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी में कहा कि पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर से अन्य राज्यों की उड़ानों के लिए अप्रत्याशित रूप से डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से अधिकतम उड़ानों की पेशकश करें।
पर्यटकों को क्यों है DGCA के निर्देश से राहत?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में मौज़ूद हजारों पर्यटक और अमरनाथ यात्रा से जुड़े श्रद्धालु दहशत में हैं और जल्द से जल्द कश्मीर छोड़कर घर लौटना चाहते हैं। DGCA का यह निर्णय ऐसे लोगों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक राहत भी लेकर आया है। अब उन्हें रद्द की गई या बदली गई फ्लाइट के लिए अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा, न ही किसी प्रकार का किराया अधिक देना पड़ेगा।
सरकार की तत्परता: पीएम मोदी ने बीच में छोड़ा सऊदी दौरा
इस हमले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर लौटना पड़ा। दिल्ली लौटते ही उन्होंने गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक की और कश्मीर में हालात की समीक्षा की।
संख्या में बढ़ेगी फ्लाइट्स, टिकटों में नहीं बढ़ेगा बोझ
DGCA के निर्देश के अनुसार, एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा और अन्य निजी एयरलाइनों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाएं और टिकट की दरों को नियंत्रित रखें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यात्रियों को मनमाने किराए और सीमित विकल्पों से परेशानी न हो।
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