
नई दिल्ली। म्यांमार में विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने तुरंत राहत और सहायता भेजने की पहल की है। शनिवार, 29 मार्च को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारत ने म्यांमार के लोगों के लिए मानवीय सहायता की पहली खेप रवाना कर दी है।
भारतीय वायुसेना का C-130 विमान राहत सामग्री लेकर म्यांमार के लिए उड़ान भर चुका है। इस विमान में कंबल, तिरपाल, स्लीपिंग बैग, स्वच्छता किट, खाद्य पैकेट, किचन सेट और सोलर लैम्प जैसे जरूरी सामान भेजे गए हैं। इसके अलावा, बचाव एवं चिकित्सा दल भी इस राहत अभियान का हिस्सा हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सहायता भेजी जाएगी।
भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में भारी तबाही
शुक्रवार, 28 मार्च को म्यांमार के मध्य क्षेत्र में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। अब तक 144 लोगों की मौत और 730 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मंडालय शहर से लगभग 17.2 किलोमीटर दूर और 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया।
इस भूकंप का प्रभाव पड़ोसी देश थाईलैंड तक देखने को मिला, जहां बैंकॉक में एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई।
भारत में भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पश्चिम बंगाल, मेघालय और मणिपुर के अलावा बांग्लादेश और चीन के दक्षिण-पश्चिमी युन्नान प्रांत में भी महसूस किए गए।
भारत सरकार अलर्ट पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस त्रासदी पर दुख व्यक्त किया और अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से जानकारी दी कि उन्होंने भारतीय एजेंसियों को अलर्ट पर रहने और म्यांमार व थाईलैंड सरकारों के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं।
म्यांमार और थाईलैंड में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है, और दोनों देशों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है।
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