
अयोध्या में मंगलवार का दिन इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ठीक 673 दिनों बाद राम मंदिर का शिखर भगवा धर्मध्वजा से सुशोभित हो गया। अभिजीत मुहूर्त 11:50 बजे जैसे ही PM मोदी ने बटन दबाया, 2 किलो का केसरिया ध्वजा 161 फीट ऊंचाई पर लहराने लगी और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। पीएम मोदी शिखर की ओर हाथ जोड़ भाव विभोर होकर नतमस्तक हो गए।

आज सदियों के घाव भर गए : PM मोदी
अपने संबोधन की शुरुआत “सियावर राम चंद्र की जय” के उद्घोष से करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज संपूर्ण भारत और संपूर्ण विश्व राममय है… सदियों के घाव भर रहे हैं। हम देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके ही रहेंगे। इसने भगवान राम को काल्पनिक बताया था… लेकिन सत्य की ही जीत होती है।” पीएम ने आगे कहा, “ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा। प्राण जाए पर वचन न जाए— यही राम का संदेश है।”
शिखर पर जो ध्वजा फहराई गई—उसकी क्या ख़ासियत है?
21 किलो सोने से मढ़ा गया ध्वजा-दंड
भीषण तूफान में भी सुरक्षित
हवा बदलने पर बिना उलझे खुद घूम जाएगी
4 किमी दूर से भी दिखेगी
सूर्यवंश, सूर्य-प्रतीक, कोविदार वृक्ष की आकृतियां उकेरी गईं
मोदी बोले, “यह ध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है… संघर्ष से सृजन की गाथा है।”
रामलला के चरणों में पहली पूजा, पहली आरती
ध्वजारोहण से पहले PM मोदी और मोहन भागवत ने—
✔ फर्स्ट फ्लोर बने रामदरबार में आरती की
✔ रामलला के दर्शन किए
✔ सप्त ऋषियों के दर्शन
✔ लक्ष्मण की पूजा
✔ जलाशय का निरीक्षण
✔ रामलला के लिए विशेष वस्त्र और चंवर अर्पित किए
शंकराचार्य अनुपस्थित, संतों का जमावड़ा
हालांकि पहले चर्चा थी कि अमिताभ बच्चन समेत बड़े सेलिब्रिटीज पहुंच सकते हैं, पर अभी तक कोई सेलिब्रिटी उपस्थित नहीं दिखे। शंकराचार्यों को छोड़कर देशभर के मठों के संत मौजूद।
1000 क्विंटल फूलों से सजी रामनगरी
5-लेयर सुरक्षा
ATS–NSG कमांडो तैनात
साथ ही SPG, CRPF, PAC
स्कूली बच्चों व महिलाओं ने रोड शो में स्वागत किया
अयोध्या—जहां आदर्श आचरण बनते हैं
मोदी बोले, “जब भगवान यहां से गए तो युवराज थे, लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बने।” उन्होंने सभी भारतवासियों से सप्त मंदिरों के दर्शन करने की अपील की, जो सामाजिक सद्भाव और छोटे प्रयासों से बड़े संकल्प पूरे होने का प्रतीक हैं।
भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करना ही होगा
PM ने कहा, “मैकाले ने 1835 में मानसिक गुलामी बोई। 2035 तक यानी 10 साल में हमें इसे पूरी तरह मिटाना है। भारत अपनी विरासत से परिभाषित होगा।”
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