
दिल्ली के भारत मंडपम में गुरुवार को टेक्नोलॉजी की दुनिया का सबसे बड़ा जमावड़ा देखने को मिला, जब नरेंद्र मोदी ने India AI Impact Summit 2026 का भव्य शुभारंभ किया। दुनिया भर के टेक और राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी में शुरू हुए इस सम्मेलन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। मंच पर Emmanuel Macron और Luiz Inácio Lula da Silva जैसे ग्लोबल लीडर्स की मौजूदगी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास बना दिया।
AI को बताया रोजगार का नया इंजन
समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एआई नौकरियों के लिए खतरा नहीं बल्कि अवसरों का नया दरवाज़ा खोलने वाला है। उनके अनुसार, सही दिशा में उपयोग किया जाए तो एआई रोजगार सृजन की गति को और तेज कर सकता है। उन्होंने इस सम्मेलन को दुनिया का ऐतिहासिक एआई मंच बताते हुए कहा कि भारत में इसका आयोजन ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है।
भारत: नई टेक्नोलॉजी बनाने और अपनाने में आगे
पीएम मोदी ने युवाओं की बड़ी भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति देश को तकनीकी रूप से मजबूत बना रही है। उन्होंने बताया कि भारत सिर्फ नई टेक्नोलॉजी अपनाता ही नहीं, बल्कि उसे विकसित करने में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दुनिया तेजी से अपना रही है AI
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि एआई आज मानव इतिहास के सबसे बड़े बदलावों में से एक है। अब केवल युवा ही नहीं बल्कि दुनिया की अनुभवी पीढ़ी भी इसे स्वीकार कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई से काम करने की दक्षता और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।
इंटेलिजेंट मशीनों का नया दौर
प्रधानमंत्री के मुताबिक, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक के कारण मशीनें पहले से अधिक स्मार्ट बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले किसी तकनीक का प्रभाव दिखने में दशकों लग जाते थे, लेकिन आज बदलाव की रफ्तार बेहद तेज हो चुकी है और इसका असर व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
मानवता की नई ऊंचाइयों की ओर AI
पीएम मोदी ने कौशल विकास और निरंतर सीखने को जन आंदोलन बनाने की बात कही। उनका मानना है कि अगर दुनिया मिलकर काम करे तो एआई मानव क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है और भविष्य का कार्यक्षेत्र अधिक समावेशी व भरोसेमंद बनेगा।
AI का लोकतंत्रीकरण क्यों जरूरी?
अपने संबोधन में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एआई में इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट बनकर न रह जाए, इसके लिए टेक्नोलॉजी का लोकतंत्रीकरण जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे जीपीएस रास्ता दिखाता है लेकिन फैसला इंसान करता है, वैसे ही एआई का नियंत्रण भी मानव के हाथ में रहना चाहिए।
AI का सही उपयोग और जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने एआई को शक्तिशाली तकनीक बताते हुए इसके जोखिमों पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि एआई भविष्य में क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि हम आज इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा का उदाहरण देते हुए उन्होंने जिम्मेदारी और संतुलन पर जोर दिया।
भारत का ‘मानव विज़न’ पेश
समिट में पीएम मोदी ने एआई के लिए “मानव विज़न” की अवधारणा भी रखी। इसमें नैतिकता आधारित सिस्टम, जवाबदेह शासन, डेटा पर राष्ट्रीय अधिकार, समावेशी पहुंच और वैधता जैसे सिद्धांत शामिल हैं। उनका कहना था कि यह मॉडल 21वीं सदी की एआई दुनिया में मानव कल्याण को दिशा देगा।
गूगल का बड़ा ऐलान: भारत में 15 बिलियन डॉलर का निवेश
समिट के दौरान Sundar Pichai ने बताया कि गूगल विशाखापत्तनम में एक बड़े एआई हब के लिए 15 बिलियन डॉलर का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश करेगा। इस प्रोजेक्ट में गीगावॉट क्षमता वाली कंप्यूटिंग और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा, जिससे देशभर में रोजगार और अत्याधुनिक एआई सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
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