
नई दिल्ली। “ट्रंप का टैरिफ बम, लेकिन भारत बच गया!” अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और बढ़ते टैरिफ के बीच भारत को मिली यह राहत अस्थायी तो है लेकिन बेहद अहम भी। 1 अगस्त 2025 तक भारत पर टैरिफ नहीं लगेगा। टेक्सटाइल से लेकर आईटी और फार्मा सेक्टर तक को मिली ये छूट करोड़ों डॉलर के एक्सपोर्ट को राहत दे सकती है।
ट्रंप के टैरिफ प्लान से फिलहाल बाहर भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में लगभग 20 देशों को 26% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। लेकिन भारत को इस सूची से बाहर रखा गया है। यह फैसला 2 अप्रैल 2025 को घोषित टैरिफ को 90 दिनों तक स्थगित करने के बाद लिया गया नया अपडेट है।
1 अगस्त 2025 तक छूट, फिर बढ़ेगा दबाव
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि ट्रंप एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत भारत को 1 अगस्त 2025 तक टैरिफ से छूट दी जाएगी। यह मोहलत भारत को अमेरिका के साथ व्यापार समझौता (Trade Deal) को अंतिम रूप देने का समय देती है।
कृषि और डेयरी बने रोड़ा
हालांकि दोनों देशों के बीच मिनी ट्रेड डील पर सहमति बन चुकी है, लेकिन डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप ने कहा, "हम भारत के साथ एक मजबूत व्यापारिक रिश्ते की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी बातचीत जरूरी है।"
टैरिफ की चपेट में जापान, बांग्लादेश और कोरिया
भारत को राहत तो मिली है, लेकिन जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, इराक, थाईलैंड और सर्बिया जैसे देशों पर 20% से 30% तक टैरिफ लगा दिया गया है। इसका सीधा असर इन देशों के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट पर पड़ेगा।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत को इस छूट को स्थायी बनाना होगा और 1 अगस्त से पहले व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना ही होगा। नहीं तो भारत को भी भारी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जिससे करोड़ों डॉलर का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
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