
नई दिल्ली।गुजरात एटीएस ने मंगलवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े सोशल मीडिया टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मॉड्यूल की अहम कड़ी मानी जा रही शमा परवीन को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। शमा मूल रूप से झारखंड की निवासी है और बीकॉम स्नातक है।
सोशल मीडिया से फैला रही थी 'जिहाद'
एटीएस के मुताबिक, शमा परवीन दो फेसबुक अकाउंट और एक इंस्टाग्राम प्रोफाइल के माध्यम से आतंकवादी विचारधारा का प्रचार कर रही थी। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 14,000 से अधिक फॉलोवर्स हैं। यह अकाउंट कट्टरपंथी सामग्री, जिहाद के समर्थन और अल-कायदा से जुड़ी पोस्ट्स से भरा हुआ था।
दिल्ली में पकड़े गए आरोपी से लिंक
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि परवीन का नाम 22 जुलाई को गिरफ्तार किए गए चार आतंकियों की पूछताछ में सामने आया था। इनमें से एक आरोपी “Stranger Nation 2” नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से संचालित हो रहा था, जिससे शमा परवीन की नियमित बातचीत होती थी।
तकनीकी टीम ने ट्रेस किया नेटवर्क
एटीएस की टेक्निकल टीम ने सोशल मीडिया पर मिले इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर शमा परवीन की डिजिटल पहचान और लोकेशन ट्रैक की। इंटरस्टेट ऑपरेशन होने के कारण केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की मदद से उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।
शुरुआती पूछताछ में कबूला अल-कायदा से लिंक
गुजरात एटीएस ने दावा किया है कि पूछताछ में शमा परवीन ने अलकायदा से जुड़ाव स्वीकार कर लिया है। अब उससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसका आतंकी नेटवर्क से कितना गहरा संबंध था, और क्या वह किसी स्लीपर सेल या रिक्रूटमेंट मॉड्यूल का हिस्सा थी।
सोशल मीडिया बना आतंकियों का नया हथियार
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया अब आतंकी संगठनों के प्रचार और भर्ती का बड़ा माध्यम बन चुका है। देश की सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे डिजिटल मॉड्यूल पर सख्त निगरानी और काउंटर साइबर इंटेलिजेंस बढ़ाने की तैयारी में हैं।
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