
नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है। इस बीच भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) में बड़ा बदलाव कर पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने देश की रणनीतिक सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने के लिए रॉ के पूर्व प्रमुख आलोक जोशी को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
बोर्ड में इस बार तीनों सेनाओं के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं, जिससे यह साफ संकेत गया है कि भारत अब हर मोर्चे पर पूरी तैयारी के साथ खड़ा है।
कौन-कौन शामिल हैं नए NSAB में?
आलोक जोशी – रॉ के पूर्व प्रमुख, बोर्ड अध्यक्ष
एयर मार्शल पी.एम. सिन्हा – वेस्टर्न एयर के पूर्व कमांडर
लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह – पूर्व साउदर्न कमांडर
रियर एडमिरल मॉन्टी खन्ना – नेवी के पूर्व अफसर
राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह – रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी
बी. वेंकटेश वर्मा – सेवानिवृत्त विदेश सेवा अधिकारी
मोदी सरकार की सख्त कूटनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लगातार चार उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें CCS, CCPA, CCEA और कैबिनेट शामिल रहीं। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में राष्ट्रीय सुरक्षा, पाकिस्तान की हरकतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक प्रतिक्रिया जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
डगमगाया पाकिस्तान, रूस-अमेरिका से मांगी मदद
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया से पाकिस्तान पूरी तरह से घबरा गया है। उसने अमेरिका, रूस और तुर्किए से संपर्क किया है और संयुक्त राष्ट्र में भारत के आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए सफाई देने की कोशिश की है।
सीजफायर तोड़ने से नहीं आया बाज
तनाव के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा। बारामुला, पुंछ और राजौरी जैसे इलाकों में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
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