
नई दिल्ली। देश में 19 अप्रैल से मतदान के साथ लोकसभा चुनाव आरंभ हो जाएंगे। अभी नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इस बीच माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने भारत सरकार को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। जिसमें चीन की संभावित साजिश का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है। जिससे चुनाव के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इससे पहले भी सरकार को सूचना मिली थी कि चीनी हैकर्स एआई टूल्स के माध्यम से चुनाव को प्रभावित करने की योजना बना रहे हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने चीन की एक साजिश के बारे में भारत, अमेरिका और दक्षिण कोरिया को आगाह किया है। इन देशों में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। चीन ने जनवरी 2024 में ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान नतीजों को प्रभावित करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया था।
पिछले महीने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स दिल्ली आए थे और पीएम मोदी से मिले थे। उन्होंने सोशल कॉज, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और हेल्थ और एग्रीकल्चर में नई टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए एआई के इस्तेमाल पर बात की थी।
माइक्रोसॉफ्ट की खुफिया टीम का कहना है कि चीन की सरकार उत्तर कोरिया के साथ मिलकर 2024 के चुनावों में दखल दे सकती है। चीन सोशल मीडिया पर एआई से बने वीडियो, ऑडियो और मीम्स के जरिए लोगों की राय बदलने की कोशिश करेगा। वो किसी खास पार्टी का पक्ष लेगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि ताइवान के चुनाव के दौरान बीजिंग समर्थित स्टॉर्म 1376 या स्पैमौफ्लेज समूह एक्टिव था। इस ग्रुप ने कई ऐसे कंटेंट बनाए, जिसने मतदाताओं को प्रभावित किया। इसमें कुछ उम्मीदवारों को बदनाम किया गया। ईरान भी कई टीवी एंकर्स के डीपफेक वीडियो बनाकर यह रणनीति अपना चुका है। स्टॉर्म-1376 ने ताइवान के तत्कालीन डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विलियम लाई और अन्य ताइवानी अधिकारियों के साथ-साथ दुनिया भर के चीनी असंतुष्टों के एआई-जनित मीम्स की एक सीरीज को बढ़ाया। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि स्टॉर्म-1376 ने कम से कम फरवरी 2023 से टीवी समाचार एंकर तैयार किए हैं।
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