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दिल्ली में मोदी-पुतिन की सुपर मीटिंग! डिफेंस से लेकर डॉलर तक बदलेगा गेम, 23वें शिखर सम्मेलन में हुए बड़े ऐलान
05 दिस, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
दिल्ली में मोदी-पुतिन की सुपर मीटिंग! डिफेंस से लेकर डॉलर तक बदलेगा गेम, 23वें शिखर सम्मेलन में हुए बड़े ऐलान

दिल्ली में मोदी-पुतिन की सुपर मीटिंग! डिफेंस से लेकर डॉलर तक बदलेगा गेम, 23वें शिखर सम्मेलन में हुए बड़े ऐलान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

दिल्ली की सियासी फिजा उस वक्त और गर्म हो गई जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमने-सामने बैठे। हैदराबाद हाउस में हुई इस ऐतिहासिक मुलाकात को सिर्फ एक डिप्लोमैटिक बैठक नहीं बल्कि आने वाले दशक की भू-राजनीति की नींव माना जा रहा है। डिफेंस डील से लेकर ट्रेड कॉरिडोर तक, दोनों देशों ने मिलकर ऐसा रोडमैप तैयार किया है जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिक गई है। News World, News World Web और News World Bhopal इस बड़ी खबर पर सबसे पहले आपको हर अपडेट दे रहा है।


हैदराबाद हाउस में 23वां भारत-रूस शिखर सम्मेलन शुरू

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस दौरान डिफेंस, ट्रेड, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और अकादमिक सहयोग समेत कई अहम मसलों पर चर्चा हुई। समिट में व्यापार, आर्थिक साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शिक्षा से जुड़े कई समझौतों पर मुहर लगाई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के बाद कहा कि भारत और रूस ने 2030 तक के लिए आर्थिक सहयोग का नया कार्यक्रम तैयार किया है।


पीएम मोदी का बयान ज्यों का त्यों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा, "आज भारत और रूस के 23वें शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। उनकी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक माइलस्टोन के दौर से गुजर रहे हैं। ठीक 25 वर्ष पहले राष्ट्रपति पुतिन ने हमारी स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप की नींव रखी थी। 15 वर्ष पहले 2010 में हमारी साझेदारी को स्पेशल और प्रिविलिज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला था।"


यूक्रेन युद्ध के बीच भारत पहुंचे पुतिन

रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद पुतिन का यह पहला भारत दौरा है। शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका औपचारिक स्वागत किया। पुतिन फिर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे और दोपहर करीब 12 बजे पीएम मोदी के साथ हैदराबाद हाउस पहुंचे।


एस-400 और SU-57 पर हुई बड़ी चर्चा

समिट में भारत के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खरीद को लेकर गंभीर चर्चा हुई। ये वही मिसाइलें हैं जो मई में भारत-पाकिस्तान के चार दिवसीय टकराव के दौरान निर्णायक साबित हुई थीं। साथ ही रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी के SU-57 स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव भी दिया है। क्रेमलिन इस विमान को दुनिया का सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान मानता है।


10 इंटर-गवर्नमेंट एग्रीमेंट, 15 कमर्शियल डील संभव

पुतिन के दौरे के दौरान लगभग:

10 अंतर-सरकारी समझौते

और 15 से ज्यादा कमर्शियल डील्स

 पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

इसके बाद पुतिन भारत-रूस व्यापार मंच को संबोधित करेंगे और राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज के बाद रात करीब 9:30 बजे मॉस्को के लिए रवाना होंगे।


प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पहुंचे पीएम मोदी

गुरुवार शाम पुतिन के दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पालम एयरपोर्ट पहुंचे और उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। यह भारत-रूस के दशकों पुराने रिश्तों की गहराई को दिखाता है।


क्यों खास है पुतिन का ये दौरा?

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री ने दोनों देशों के रिश्ते को नया भावनात्मक आयाम दिया है। इसके अलावा अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और उनके यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के बीच यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

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