
श्रीनगर/नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया है। सोमवार को हुए इस हमले में दो विदेशी नागरिकों समेत 28 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हिट स्क्वॉड “द रजिस्टेंस फ्रंट” (TRF) ने ली है। घटना के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं।
भारतीय सेना ने संभाला मोर्चा, सर्च ऑपरेशन जारी
घटना के तुरंत बाद सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकी पहाड़ी जंगलों में छिपे हो सकते हैं। मंगलवार से व्यापक स्तर पर ऑपरेशन जारी है, जिसमें ड्रोन, स्निफर डॉग्स और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है।
घायल पीड़ितों के लिए विशेष विमानों की व्यवस्था
केंद्र सरकार की तरफ से चार विशेष विमान कश्मीर से दिल्ली और मुंबई के लिए भेजे गए हैं, ताकि पीड़ितों और मृतकों के परिजनों को सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
शाह का ग्राउंड जीरो दौरा, उच्च स्तरीय बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को सीधे घटनास्थल पहलगाम पहुंचे, जहां उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों से अस्पताल में मिलकर उनका हालचाल जाना।
शाह ने अधिकारियों के साथ ऊपर से नीचे तक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और स्पष्ट किया, "इस कायरतापूर्ण हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। हम पूरी ताकत से कार्रवाई करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि वे रात एक बजे तक लगातार मीटिंग में जुटे रहे।
सरकार की मुआवजा योजना
जम्मू-कश्मीर सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख, और मामूली रूप से घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि पीड़ितों को उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए सभी जरूरी इंतज़ाम किए गए हैं।
महबूबा मुफ्ती का बयान: यह हमारी कश्मीरियत पर हमला था
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस हमले को कश्मीरियत और मानवता पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा, “हमें शर्म है कि यह घटना हमारे कश्मीर में हुई। मैं गृह मंत्री से अनुरोध करती हूं कि वह सुनिश्चित करें कि अपराधियों को जल्द सजा मिले।”
देश में गुस्सा, सवालों के घेरे में सुरक्षा
इस हमले ने एक बार फिर कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की क्षमता पर सवाल उठा दिए हैं। लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक प्रतिक्रिया और जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हमले की योजना और सुरक्षा चूक को लेकर जांच एजेंसियां जुट गई हैं।
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