
असम के दरांग जिले में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में “घुसपैठियों की मदद से जनसांख्यिकी बदलने की साजिश” रची जा रही है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
“घुसपैठिये हमारी माताओं-बहनों पर अत्याचार करते हैं”
पीएम मोदी ने मंच से चेतावनी दी, “भाजपा की सरकार घुसपैठियों को देश के साधनों और संसाधनों पर कब्जा नहीं करने देगी। भारत के किसानों, नौजवानों और आदिवासियों का हक हम किसी को छीनने नहीं देंगे। ये घुसपैठिये हमारी माताओं और बहनों के साथ अत्याचार करते हैं, और ऐसा हम होने नहीं देंगे।”
उन्होंने कहा कि देश में एक “डेमोग्राफी मिशन” शुरू किया जा रहा है, जिसका मकसद देश को घुसपैठ से बचाना और उसकी अखंडता को बनाए रखना है।
“घुसपैठियों को बचाने वालों को भुगतना पड़ेगा”
कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं उन राजनेताओं से कहना चाहता हूं, अगर वे चुनौती लेकर मैदान में आएंगे तो मैं सीना तानकर सामना करूंगा। मैं भी देखता हूं कि वे घुसपैठियों को बचाने में कितनी ताकत लगाएंगे। हम घुसपैठियों को हटाने में अपना जीवन लगा देंगे। जो लोग उन्हें बचाने निकलेंगे, उन्हें भुगतना पड़ेगा और यह देश उन्हें माफ नहीं करेगा।”
असम को ‘विकसित भारत का इंजन’ बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की विरासत को बचाना और उसे विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता है। “हमें मिलकर काम करना है ताकि असम विकसित भारत का इंजन बन सके।”
स्वदेशी को लेकर बड़ा संदेश
जनसभा के अंत में मोदी ने जनता से स्वदेशी अपनाने की अपील की। “मैं आपसे वादा मांगता हूं कि अब जो भी खरीदेंगे, वह ‘स्वदेशी’ होगा। मेरे लिए स्वदेशी की परिभाषा सरल है—कंपनी दुनिया के किसी भी कोने की हो, लेकिन मेहनत मेरे देश के युवा सैनिकों की होनी चाहिए। जो भारत में बनेगा, उसमें मेरी भारतीय मिट्टी की खुशबू होनी चाहिए।”
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