
नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने सांसदों के लिए टाइप-VII श्रेणी के 184 नए बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने परिसर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम का एक पौधा भी लगाया और निर्माण में योगदान देने वाले ‘श्रमजीवियों’ से मुलाकात की।
‘कृष्णा, गोदावरी, कोसी, हुगली’ — नदियों से मिली प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने कहा, "इन चार टावरों के नाम भी बहुत सुंदर हैं - कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली। यह भारत की चार प्रमुख नदियां हैं, जो करोड़ों लोगों को जीवन देती हैं। ये हमारे प्रतिनिधियों को भी प्रेरणा देंगी।" उन्होंने चुटकी लेते हुए विपक्ष पर तंज सकते हुए कहा, "कुछ लोगों को कोसी नदी के नाम से दिक्कत हो सकती है। वे बिहार चुनाव इसी नाम से देखेंगे। लेकिन नदियों के नाम की परंपरा हमें देश की एकता के सूत्र में बांधती है।"
सांसदों को मिली 'जीवन सुगमता'
पीएम मोदी ने कहा कि ये फ्लैट न केवल सांसदों के जीवन को आसान बनाएंगे बल्कि सरकारी खर्च भी कम करेंगे। 2004 से 2014 तक सांसदों के लिए एक भी आवासीय भवन नहीं बना। लेकिन 2014 के बाद से अब तक लगभग 350 आवास तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि किराए के भवनों में मंत्रालय चलाने पर सालाना लगभग ₹1.5 करोड़ का खर्च आता था, जिसे इन प्रोजेक्ट्स से बचाया जा सकेगा।
फ्लैट की खासियतें
➡️ 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट एरिया
➡️ आवासीय + आधिकारिक जरूरतों के लिए अलग खंड
➡️ वर्टिकल हाउसिंग डिजाइन — कम जमीन में ज्यादा उपयोग
➡️ भूकंपरोधी निर्माण और अत्याधुनिक सुरक्षा सिस्टम
➡️ दिव्यांगों के अनुकूल पूरी बिल्डिंग
➡️ सामुदायिक केंद्र — सामाजिक और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए
➡️ एल्युमीनियम शटरिंग + मोनोलिथिक कंक्रीट से टिकाऊ निर्माण
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