
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किसानों को बड़ी सौगात दी। नई दिल्ली से कृषि क्षेत्र के लिए 35,440 करोड़ रुपए की दो बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें 'पीएम धन धान्य कृषि योजना' और 'दलहन आत्म निर्भरता मिशन' शामिल है। उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना और दालों की उत्पादकता में सुधार करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम धन धान्य कृषि योजना' के तहत 100 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में देखा जाएगा कि वहां खेत से पैदावार कितनी है, एक साल में कितनी फसल ली जा रही है और खेती के लिए लोन की सुविधा है की नहीं। उन्होंने कहा पीएम धन्य धान्य कृषि योजना में सरकार की 36 योजनाओं को एक साथ जोड़ रहे हैं। इसमें पशुओं की बीमारी को भी जोड़ा जा रहा है। पशुओं की बीमारी के उपचार के लिए अभियान चलाया जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विचार व्यक्त किए। कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
डीएम करेंगे योजना की निगरानी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम धन धान्य कृषि योजना' डीएम योजना की निगरानी करेंगे। उन्होंने यह अपेक्षा की, कि जिले स्तर पर ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए जो मिट्टी व जलवायु के अनुरूप है। जहां खेती संभव नहीं, वहां पशु पालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए। चयनित 100 जिलों की खेती की तस्वीर बदल जाएगी।
हमें आटे और चावल से आगे सोचना होगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से दलहन आत्म निर्भर अभियान की भी शुरुआत हो रही है। हमें आटे और चावल से आगे सोचना होगा। आज भी बड़ी मात्रा से दाल का निर्यात हो रहा है। दलहन की खेती में 35 लाख हेक्टेयर की वृद्धि करनी है। उसी के अनुरूप नीति बनाई जा रही है। 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसान सशक्त हो। 11 वर्षों में खेती का बजट 6 गुना बढ़ गया है। कांग्रेस ने 10 वर्ष में 5 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी दी थी, भाजपा सरकार ने 13 लाख करोड़ की सब्सिडी दी है। वर्ष 2014 से अब तक शहद उत्पादन दो गुना हो गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

