
चूरू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 5 अप्रैल को राजस्थान के चूरू में चुनावी रैली की। पीएम ने भाजपा उम्मीदवार पैरालंपियन देवेंद्र झाझड़िया के लिए वोट मांगा। पीएम ने कहा कि बीते 10 साल में हमने कई काम किए हैं, लेकिन ये बहुत कम है। अभी तक जो मोदी ने किया है, वो तो सिर्फ बड़े होटलों में मिलने वाला स्टार्टर है, अभी तो खाने की पूरी थाली बाकी है।
प्रधानमंत्री ने तीन तलाक का जिक्र किया। कहा कि यह कानून हमारी मुस्लिम बहनों की मदद कर रहा है। वे यह समझें कि यह तीन तलाक आपके जीवन पर तो खतरा था ही, मोदी ने आपकी रक्षा तो की है, लेकिन मोदी ने हर मुस्लिम परिवार की भी रक्षा की है।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
मेरा और देवेंद्र का पुराना नाता: मोदी ने कहा कि मेरा और देवेंद्र झाझड़िया का पुराना नाता है। जब मैं उनसे पहली बार मिला तो उनकी मां की बातें मेरे मन को छू गईं। देवेंद्र को टिकट देने के पीछे मोदी का मकसद यही था कि गरीब मां के सपने पूरे होने चाहिए।
कांग्रेस कर रही आस्था का अपमान: पीएम मोदी ने कहा कि घमंडिया गठबंधन के लोगों ने भगवान राम को काल्पनिक बताया था। कुछ महीने पहले ही अयोध्या में राम मंदिर का सपना पूरा हुआ। कांग्रेस पार्टी खुलेआम हमारी आस्था का अपमान कर रही थी। देश ने कांग्रेस के पापों की हमेशा कीमत चुकाई है।
कांग्रेस पार्टी ने डरे-डरे हुए एक एडवाइजरी निकाली है। उन्होंने सबसे कहा है कि राम मंदिर की चर्चा निकले तो मुहं पर ताला लगा लेना। उनको लगने लगा है कि अगर राम का नाम लिया तो पता नहीं कब राम-राम हो जाए। यह हाल हो गया है उनका।
देश नहीं रुकने दूंगा, देश नहीं झुकने दूंगा: मोदी ने 26 फरवरी 2019 को दिए अपने भाषण को याद किया। कहा कि मैं चूरू आया था। उसी समय देश ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। हमने आतंकियों को सबक सिखाया था। चूरू की धरती पर जिन शब्दों को मैंने दोहराया था, आज एक बार फिर मैं अपने उन भावों को दोहरा रहा हूं- 'सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा, मेरा वचन है भारत मां को, तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा।
सेना के शौर्य के सबूत मांगे गए: मोदी ने कहा कि हमारी सेना ने जब सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की, तब घमंडिया गठबंधन के लोग सेना से शौर्य के सबूत मांग रहे थे। सेनाओं का अपमान, देश का विभाजन कांग्रेस पार्टी की पहचान है। जब तक कांग्रेस के लोग सत्ता में रहे, हमारे जवानों के हाथ बांधकर रखे। दुश्मन हमला करके चला जाता था, वे जवानों को जवाब देने की इजाजत नहीं देते थे।
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