
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को देश के नाम संबोधन दिया। संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने नवरात्रा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। कल, नवरात्रि के पहले दिन, सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएँगे।
‘GST बचत उत्सव शुरू हो रहा’
जीएसटी पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा- कल से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू होने जा रहा है। आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंदीदा चीजें खरीद सकेंगे।'जीएसटी बचत उत्सव' से समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 99% वस्तुएं अब 5% कर स्लैब के अंतर्गत आती हैं।
त्योहारों के मौसम में सबका मुंह होगा मीठा
पीएम मोदी ने कहा- त्योहारों के इस मौसम में सबका मुंह मीठा होगा। देश के हर परिवार की खुशियां बढ़ेंगी। मैं अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों और 'बचत उत्सव' के लिए देश भर के लाखों परिवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। ये सुधार भारत की विकास गाथा को गति देंगे, व्यापार को सरल बनाएंगे, निवेश को अधिक आकर्षक बनाएंगे और विकास की दौड़ में हर राज्य को समान भागीदार बनाएंगे।
हमने पुराने इतिहास को बदला-PM मोदी
देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- जब भारत ने 2017 में जीएसटी सुधार की शुरुआत की, तो इसने एक पुराने इतिहास को बदलने और एक नए इतिहास के निर्माण की शुरुआत की। दशकों से, हमारे देश के लोग और हमारे देश के व्यापारी विभिन्न करों के जाल में उलझे हुए थे। ऑक्ट्रॉय, प्रवेश कर, बिक्री कर, उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर - ऐसे दर्जनों कर हमारे देश में थे। एक शहर से दूसरे शहर में सामान भेजने के लिए, हमें अनगिनत बाधाओं को पार करना पड़ता था।
‘विदेशी अखबार में छपी थी एक खबर’
पीएम मोदी ने कहा- मुझे याद है, 2014 में जब मैं देश का पीएम बना था, उस शुरुआती दौर का एक दिलचस्प वाकया एक विदेशी अखबार में छपा था। उसमें एक कंपनी की मुश्किलों का ज़िक्र था। कंपनी का कहना था कि अगर उसे अपना माल बेंगलुरु से 570 किलोमीटर दूर हैदराबाद भेजना हो, तो यह इतना मुश्किल होगा कि उन्होंने इस पर विचार किया और कहा कि वे चाहेंगे कि कंपनी पहले बेंगलुरु से अपना माल यूरोप भेजे और फिर वही माल यूरोप से हैदराबाद भेजे।
‘देश को कर के जाल से मुक्त कराना था’
उन्होंने आगे कहा- उस समय टैक्स और टोल की जटिलताओं के कारण यही स्थिति थी। उस समय, लाखों देशवासियों के साथ-साथ ऐसी लाखों कंपनियों को भी तरह-तरह के टैक्स के जाल में रोज़ाना परेशानियों का सामना करना पड़ता था। एक शहर से दूसरे शहर सामान पहुंचाने में जो बढ़ा हुआ खर्च होता था, उसका बोझ गरीब जनता पर पड़ता था और आप जैसे ग्राहकों पर भी पड़ता था। देश को इस स्थिति से मुक्त कराना ज़रूरी था।
नागरिक देवो भव का दिया मंत्र
संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 'नागरिक देवो भव' का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी और आयकर में कटौती से लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा जीएसटी दरों में कटौती के बाद गरीब, नव मध्यम वर्ग को दोहरा लाभ मिल रहा है।
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