
नई दिल्ली। करीब आठ दशक से देश के बड़े फैसलों का गवाह रहा साउथ ब्लॉक अब इतिहास बनने जा रहा है। शुक्रवार, 13 फरवरी को शाम 4 बजे यहां अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित होगी, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय अपने नए स्थायी परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह बैठक प्रतीकात्मक होगी और पुराने पीएमओ को सम्मानजनक विदाई देने के मकसद से रखी गई है।
कैसा है नया पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’?
दिल्ली के विजय चौक के पास बना ‘सेवा तीर्थ’ आधुनिक सुविधाओं से लैस एक विशाल प्रशासनिक परिसर है। इस प्रोजेक्ट में तीन अलग-अलग इमारतें तैयार की गई हैं—
सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय
सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय
सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय
करीब 1,189 करोड़ रुपए की लागत से बना यह परिसर लगभग 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। नई बिल्डिंग में कैबिनेट मीटिंग के लिए अलग से हाई-टेक हॉल बनाया गया है।
कब होगा पीएमओ का शिफ्ट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी महीने में ही नए कार्यालय में कामकाज शुरू कर सकते हैं। पुराने साउथ ब्लॉक में शुक्रवार को होने वाली बैठक अंतिम होगी। ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्टिंग का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री की आवाजाही को आसान बनाना और राजधानी में ट्रैफिक से होने वाली परेशानी को कम करना बताया जा रहा है।
साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक विरासत
साउथ ब्लॉक केवल एक सरकारी इमारत नहीं बल्कि देश की राजनीतिक यात्रा का अहम हिस्सा रहा है। यहां पहली कैबिनेट बैठक 15 अगस्त 1947 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुई थी। तब से लेकर अब तक यहीं से कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। शुक्रवार, 13 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक इस लंबी परंपरा का अंतिम अध्याय मानी जा रही है।
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