
नई दिल्ली। संसद से लेकर सड़कों तक आज सियासी जंग छिड़ गई। ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का गुस्सा फूट पड़ा। राहुल गांधी के नेतृत्व में 200 से ज्यादा विपक्षी सांसद ‘वोट बचाओ’ के नारे लगाते हुए संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक पैदल मार्च करने निकले, लेकिन दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही सबको रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी बोले — ‘यह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है’
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज जब हम चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे, INDIA गठबंधन के सभी सांसदों को रोका गया और हिरासत में ले लिया गया। वोट चोरी की सच्चाई अब देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं - यह लोकतंत्र, संविधान और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के अधिकार की रक्षा की लड़ाई है। साफ़-सुथरी वोटर लिस्ट हमारा हक़ है, और हम लेकर रहेंगे।”
प्रियंका गांधी बोलीं — ‘सरकार डरी हुई है’
हिरासत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “सरकार डरी हुई है, इसलिए विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।”
दिल्ली पुलिस का बयान
नई दिल्ली DCP देवेश कुमार महला ने बताया, “चुनाव आयोग ने हमें पत्र लिखकर कहा था कि पार्टी के सिर्फ 30 लोग आ सकते हैं, लेकिन 200 से ज्यादा लोग पहुंचे। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें रोका गया।”
अखिलेश यादव ने तोड़ी बैरिकेड की दीवार
मार्च को रोकने पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा प्रोटेस्ट के दौरान बेहोश हो गईं।
विपक्ष का आरोप — ‘चुनाव आयोग अब चुराव आयोग’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “हमने कल पत्र लिखकर शांतिपूर्वक मार्च की जानकारी दी थी, लेकिन चुनाव आयोग ने जवाब तक नहीं दिया। अब वे कहते हैं सिर्फ 30 लोग आएं। चुनाव आयोग अब ‘चुराव आयोग’ बन गया है।”
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