
दिल्ली की शाम, राष्ट्रपति भवन की जगमगाती रोशनी और इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला वो पल—जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत से विदा हुए, तो उनके साथ सिर्फ राजनैतिक समझौते नहीं गए, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और कारीगरी भी रूस तक रवाना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मित्र को ऐसे उपहार दिए, जो दुनिया को हिंदुस्तान की विरासत का संदेश देंगे।
23वां भारत-रूस समिट: 19 समझौते, शाही विदाई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा संपन्न हो चुका है। 23वें भारत-रूस समिट में दोनों देशों के बीच कुल 19 अहम समझौते हुए। शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में पुतिन के सम्मान में भव्य डिनर दिया गया। रात्रिभोज के बाद राष्ट्रपति पुतिन सीधे रूस के लिए रवाना हो गए।
मोदी का खास अंदाज: कला, संस्कृति और परंपरा का तोहफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को भारत की कला, संस्कृति, परंपरा और कौशल को दर्शाने वाले अनोखे उपहार भेंट किए। रूसी भाषा में भगवद्गीता की प्रति तो चर्चा में रही ही, लेकिन उसके साथ 5 और ऐसे तोहफे भी दिए गए, जिनका हर एक पहलू भारत की विविधता की कहानी कहता है।
1) असम ब्लैक टी
ब्रह्मपुत्र के मैदानों में उगाई जाने वाली असम ब्लैक टी अपने मज़बूत माल्टी स्वाद और चटपटे तरल के लिए दुनिया भर में मशहूर है। सूत्रों के अनुसार, यह चाय 2007 में जीआई टैग पा चुकी है और इसके संभावित स्वास्थ्य लाभ भी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
2) महाराष्ट्र का हस्तशिल्प: चांदी का घोड़ा
पुतिन को महाराष्ट्र का एक हस्तनिर्मित चांदी का घोड़ा भी भेंट किया गया। नोट में कहा गया है कि यह भारतीय और रूसी—दोनों संस्कृतियों में गरिमा और वीरता का प्रतीक है। इसके संतुलित और प्रगतिशील स्वरूप को स्थायी और निरंतर आगे बढ़ती भारत-रूस साझेदारी के प्रतीक के तौर पर बताया गया है।
3) कश्मीरी केसर
स्थानीय रूप से कोंग या ज़ाफ़रान कहलाने वाला कश्मीरी केसर अपने रंग, सुगंध और स्वाद के लिए बेशकीमती है।
इसे जीआई टैग प्राप्त है और कई स्वास्थ्य लाभों के कारण इसे “लाल सोना” कहा जाता है।
4) बंगाल का चाय सेट
मुर्शिदाबाद का अलंकृत चांदी का चाय सेट भी उपहारों में शामिल रहा। इस पर की गई बारीक नक्काशी पश्चिम बंगाल की समृद्ध कलात्मक विरासत को दर्शाती है। भारत और रूस—दोनों देशों में चाय का सांस्कृतिक महत्व है और यह उपहार प्रधानमंत्री मोदी की चायवाले से प्रधानमंत्री तक की यात्रा की एक सूक्ष्म याद दिलाता है।
5) रूसी भाषा में भगवत गीता
प्रधानमंत्री मोदी ने भगवत गीता की रूसी भाषा में अनूदित प्रति राष्ट्रपति पुतिन को व्यक्तिगत रूप से सौंपी।
नोट में लिखा गया है— “गीता का शाश्वत ज्ञान नैतिक जीवन, मन पर नियंत्रण और आंतरिक शांति की प्रेरणा देता है। अनुवादों के माध्यम से यह आज दुनिया भर के पाठकों के लिए सुलभ है।”
6) आगरा का संगमरमर शतरंज सेट
उत्तर प्रदेश के आगरा से भेजा गया हस्तनिर्मित संगमरमर का शतरंज सेट शिल्प कौशल का बेहतरीन उदाहरण है।
नोट के मुताबिक यह सेट— “जड़े हुए रूपांकनों, विषम पत्थरों के शतरंज मोहरों और फूलों के डिज़ाइनों से सजे चेकर्ड संगमरमर बोर्ड” से बना है। यह संगमरमर, लकड़ी और अर्ध-कीमती पत्थरों के संयोजन का उत्कृष्ट नमूना है।
19 समझौतों की कूटनीति के बीच प्रधानमंत्री मोदी के ये तोहफे भारत-रूस रिश्तों में भावनात्मक गहराई जोड़ते हैं। ये उपहार सिर्फ यादगार नहीं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर का संदेश हैं—जो अब मॉस्को तक पहुंचेगा।
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