
श्रीनगर/पहलगाम। जम्मू-कश्मीर के मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन पहलगाम में मंगलवार को दिल दहला देने वाली आतंकी वारदात हुई। आतंकवादियों ने बैसरन इलाके में घात लगाकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इस हमले में एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए, जिनमें से 4 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
लश्कर-ए-तैयबा के संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमला ऐसे समय हुआ है जब 3 जुलाई 2025 से अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है, जिसका बेस कैंप यहीं पहलगाम में है।
चश्मदीद का दर्द: "नाम पूछकर गोली मारी"
घटना के एक चश्मदीद ने दावा किया कि आतंकी ने पहले नाम पूछा और फिर गोली मार दी। चश्मदीद ने कहा — "एक शख्स आया, मुझसे नाम पूछा, जब उसे लगा मैं मुस्लिम नहीं हूं, उसने गोली चला दी।"
घायलों में 4 की हालत गंभीर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनंतनाग जिले के पहलगाम हिल स्टेशन के बैसरन इलाके में हुए इस हमले में 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें 4 की हालत गंभीर बनी हुई है।
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
आतंकी संगठन TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह वही संगठन है, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन माना जाता है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा — "कायर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने निर्दोष पर्यटकों पर हमला किया है। सेना और पुलिस जल्द ही इनका सफाया करेगी।"
कांग्रेस नेता विकार रसूल वानी बोले — "हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। यह हमला कश्मीर की अर्थव्यवस्था और अमन के खिलाफ बड़ी साजिश है। सरकार को इसकी गहन जांच करनी चाहिए।"
सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल मौके पर पहुंचे और इलाके को पूरी तरह सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं कि ये हमलावर कहां से आए और कैसे इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सके।
राजस्थान से आए थे पर्यटक
बताया जा रहा है कि जिन पर्यटकों पर हमला हुआ, वे राजस्थान से पहलगाम घूमने आए थे। पहलगाम का यह इलाका गर्मियों में हजारों सैलानियों से गुलजार रहता है।
क्यों है ये हमला चिंताजनक?
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर सवाल
कश्मीर टूरिज्म पर सीधा असर
स्थानीय लोगों और सैलानियों में डर का माहौल
सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती
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