
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान भले अभी बाकी हो, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी चुनावी मशीनरी को फुल स्पीड में डाल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 सितंबर को डेहरी ऑन सोन और बेगूसराय में दो बड़ी क्षेत्रीय बैठकों के जरिए एनडीए के लिए दो तिहाई सीटों का टारगेट सेट कर दिया। शाह ने कहा कि बिहार में एनडीए की जीत तय है, लेकिन चुनौती दो तिहाई बहुमत की है।
डेहरी ऑन सोन में पहली बैठक—2400 कार्यकर्ता जुटे
अमित शाह ने 18 सितंबर की सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और फिर सीधे डेहरी ऑन सोन पहुंचे। यहां शाहाबाद और मगध के कुल 10 जिलों के बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई।
बैठक में शामिल जिले: रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर, गया पूर्वी, गया पश्चिमी, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद
करीब 2400 कार्यकर्ताओं—सांसद, विधायक, विधान पार्षद, मेयर, उप मेयर, जिला और मंडल अध्यक्षों से लेकर प्रखंड स्तर तक—ने इस रणनीतिक बैठक में हिस्सा लिया। शाह ने कहा, “एनडीए की जीत तो पक्की है, लेकिन असली चुनौती दो तिहाई बहुमत की है।”
60 दिन का टास्क—घर-घर पहुंचाओ विकास की बात
शाह ने कार्यकर्ताओं को अगले 60 दिनों के लिए चुनावी होमवर्क सौंपा। उनका स्पष्ट संदेश था कि कार्यकर्ता जनता तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाएं। साथ ही उन्होंने शाहाबाद इलाके में पिछली बार पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को याद दिलाते हुए इसे सुधारने का आह्वान किया।
विपक्ष पर सीधा हमला—राहुल गांधी पर तंज
चुनावी तेवर दिखाते हुए शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को “घुसपैठिया बचाओ यात्रा” करार दिया। शाह ने कहा, “बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राहुल गांधी किसी राज्य में घुसपैठिया बचाओ रैली निकालने की हिम्मत नहीं करेंगे।”
बेगूसराय में दूसरी बैठक—पटना से मुंगेर प्रमंडल तक फोकस
डेहरी ऑन सोन में चुनावी मंत्रणा के बाद शाह बेगूसराय पहुंचे। यहां पटना और मुंगेर प्रमंडल के जिलों—पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय—के बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। शाह ने इन जिलों की चुनावी चुनौतियों पर चर्चा की और जीत का रोडमैप साझा किया।
एनडीए के लिए दो तिहाई बहुमत का लक्ष्य
शाह का फोकस साफ है—बिहार में एनडीए को दो तिहाई बहुमत दिलाना। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब जनता के बीच जाकर हर योजना का लाभ और विकास कार्यों की कहानी बतानी होगी।
चुनावी तस्वीर
बिहार चुनाव की तारीखों का औपचारिक ऐलान जल्द होने की उम्मीद है। लेकिन शाह की इन दो बैठकों ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी की रणनीति—जमीनी स्तर तक संगठन को एक्टिव कर, विकास की बात जनता तक पहुंचाना और विपक्ष को घेरना।
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