
नई दिल्ली। “10 दिन की आग, अब सीमा पर शांति!” ऑपरेशन सिंदूर की गूंज के बाद पहली बार 11 मई की रात भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक भी गोली नहीं चली। सेना ने सोमवार सुबह बयान जारी कर कहा—“जम्मू-कश्मीर और इंटरनेशनल बॉर्डर पूरी तरह शांत रहे, कोई हरकत नहीं हुई।” अब सबकी नजरें आज दोपहर होने वाली भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ की अहम बातचीत पर हैं, जो सीजफायर को लेकर नई दिशा तय कर सकती है।
सीमा पर पहली शांत रात, बाजारों में लौटी रौनक
राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सरहदों से 11 मई से हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। स्थानीय बाजार खुलने लगे हैं, आम जनजीवन फिर से पटरी पर लौट रहा है। प्रशासन और सुरक्षा बलों की सतर्क निगरानी अब भी जारी है।
आज दोपहर 12 बजे DGMO की टेलीकॉल—बिना किसी तीसरे देश की मौजूदगी
भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) आज दोपहर फोन पर सीधे संवाद करेंगे। इस बातचीत में कोई तीसरा देश शामिल नहीं होगा। यह वार्ता हालिया संघर्ष विराम (Ceasefire) के बाद भविष्य की रणनीति और शांति के कदमों को लेकर अहम मानी जा रही है।
2:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस, तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी होंगे शामिल
DGMO टेलीवार्ता के बाद आज दोपहर 2:30 बजे भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों और आगे की रणनीति साझा की जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर के परिणाम: गोलाबारी थमी, लेकिन नुकसान भारी
7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 12 एयरबेस से हुए ड्रोन हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस ऑपरेशन के दौरान:
➡️ 5 भारतीय सैनिक और 2 BSF जवान शहीद
➡️ 27 नागरिकों की मौत
तीनों सेनाओं ने 10 मई की शाम 6:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया था कि “ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा चुका है।”
PM आवास पर बैठक, सेना के सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद
सीजफायर वार्ता से पहले प्रधानमंत्री आवास में CDS, आर्मी चीफ, एयरफोर्स चीफ और नेवी चीफ की मौजूदगी में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक चल रही है। यहां पर DGMO वार्ता की तैयारियों, खुफिया सूचनाओं और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
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