
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अभी इन वाहन मालिकों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। हालांकि, मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय की गई है। दिल्ली सरकार ने पुरानी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को नोटिस जारी किया है।
क्या था मामला?
दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2025 से पुराने वाहनों पर बैन लागू कर दिया था, जिसमें 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़कों से हटाने का आदेश था। भारी विरोध और खामियों को देखते हुए यह फैसला अस्थायी रूप से वापस ले लिया गया था। हालांकि, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की बैठक में एनसीआर के 5 जिलों में 1 नवंबर 2025 से इन वाहनों को सीज करने का निर्णय लिया गया था।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक किसी भी वाहन मालिक के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट का यह फैसला दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में लागू होगा।
आगे क्या?
अब चार हफ्ते बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दोबारा सुनवाई करेगा। तब तक पुराने वाहनों के मालिकों को राहत मिली हुई है। अदालत का अगला फैसला यह तय करेगा कि इन वाहनों के भविष्य को लेकर नीति क्या होगी।
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