
अंतरराष्ट्रीय ट्रेड की जंग में भारत ने एक बार फिर चौंकाने वाली बढ़त ले ली है। अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया है। वहीं, वॉशिंगटन की “जी-हूजूरी” में जुटा पाकिस्तान उल्टा फंस गया—उस पर 19 प्रतिशत टैरिफ कायम है। नतीजा? पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर अपने ही प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की जमकर किरकिरी हो रही है।
भारत को बड़ी राहत, बिना समझौते के
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के मुताबिक पहले भारत पर 25% टैरिफ लगाया गया था, फिर रूसी तेल खरीद का आरोप लगाकर 25% अतिरिक्त—कुल 50%। अब इसे घटाकर 18% किया जा रहा है। खास बात यह बताई जा रही है कि इसके लिए भारत ने किसी द्विपक्षीय समझौते या किसानों के हितों से समझौता नहीं किया।
पाकिस्तान को झटका, 19% टैरिफ बरकरार
जहां भारत को राहत मिली, वहीं पाकिस्तान पर 19% टैरिफ की खबर से वहां गुस्सा फूट पड़ा। पाकिस्तानियों का कहना है कि तमाम कोशिशों के बावजूद भी उन्हें भारत से ज्यादा टैरिफ झेलना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
पाकिस्तानी यूजर्स ने अपने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को निशाने पर लिया। कई पोस्ट में कहा गया कि “भारत ने आत्मसम्मान से समझौता किए बिना टैरिफ घटवा लिया, जबकि पाकिस्तान की चापलूसी बेकार गई।” कुछ यूजर्स ने मुनीर की तस्वीरें शेयर कर कटाक्ष किया कि फोटो-सेशन और खुशामद से कुछ नहीं मिला।
क्यों अहम है यह फैसला
टैरिफ में कटौती का सीधा असर भारत-अमेरिका व्यापार पर पड़ता है—भारतीय निर्यात प्रतिस्पर्धी बनते हैं, उद्योगों को राहत मिलती है और निवेश का माहौल बेहतर होता है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के लिए ऊंचा टैरिफ उसकी कमजोर होती अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
आगे क्या?
अब सबकी निगाहें आधिकारिक नोटिफिकेशन और उसके सेक्टोरल असर पर हैं—कौन-कौन से भारतीय उत्पादों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा और किन पाकिस्तानी निर्यातों पर 19% का बोझ पड़ेगा।
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