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डेस्क रिपोर्टर
भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। बीजेपी की फायरब्रिगेड नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के तीन दिन बाद प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के फैसले से नाराजगी जताई है। उमा भारती ने ट्वीट कर लिखा कि, यदि हम सब लोग किसानों से ठीक संपर्क और संवाद स्थापित कर लेते तो कानून वापसी की नौबत नहीं आती। हम लोग विपक्ष के दुष्प्रचार का सामना नहीं कर पाए। उमा ने सोमवार को एक के बाद एक ताबड़तोड़ ट्वीट कर कहा है कि, मैं इस फैसले से बहुत व्यथित हूं। उन्होंने अपने सभी ट्वीट को पीएम नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखे हैं।
उमा भरती ने ट्वीटर पर लिखा, मैं पिछले 4 दिनों से वाराणसी में गंगा किनारे हूं। 19 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की तो मैं अवाक रह गई, इसलिए तीन दिन बाद प्रतिक्रिया दे रही हूं। प्रधानमंत्री ने कानूनों के वापसी करते समय जो कहा वह मेरे जैसे लोगों को बहुत व्यथित कर गया। अगर कृषि कानूनों की महत्ता प्रधानमंत्री किसानों को नहीं समझा पाए तो उसमें हम सब भाजपा के कार्यकर्ताओं की कमी है। हम क्यूं नहीं किसानों से ठीक से सम्पर्क एवं संवाद कर सके।
पीएम ने स्थापित की महानता : उमा
उन्होंने आगे लिखा मोदी जी बहुत गहरी सोच एवं समस्या के जड़ को समझने वाले प्रधानमंत्री हैं। जो समस्या की जड़ समझता है वह समाधान भी पूर्णत: से करता है। भारत की जनता एवं नरेंद्र मोदी का आपस का समन्वय विश्व के राजनीतिक और लोकतांत्रिक इतिहास में अभूतपूर्व हैं। कृषि कानूनों के संबंध में विपक्ष के निरन्तर दुष्प्रचार का सामना हम नहीं कर सके। इसी कारण से उस दिन प्रधानमंत्री के संबोधन से मैं बहुत व्यथित हो रही थी। उन्होंने लिखा- मेरे नेता मोदी जी ने तो कानूनों को वापस लेते हुए भी अपनी महानता स्थापित की। हमारे देश का ऐसा अनोखा नेता युग-युग जीये, सफल रहे। यही मैं बाबा विश्वनाथ एवं मां गंगा से प्रार्थना करती हूं।
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