
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर 8 घंटे चर्चा का समय निर्धारित किया है। चर्चा के बाद बिल को लोकसभा में पारित किए जाने की संभावना है।
भाजपा और कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को 2 अप्रैल को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है। हालांकि, विपक्ष ने इस पर 12 घंटे चर्चा की मांग की है।
विपक्ष ने जताई नाराजगी, कांग्रेस का वॉकआउट
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में चर्चा के दौरान विपक्ष ने 12 घंटे तक बहस की मांग की। लेकिन संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चर्चा का समय आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है। इसके बावजूद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर अपना एजेंडा थोपने और विपक्ष की बात न सुनने का आरोप लगाते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी।
टीडीपी और जेडीयू करेंगी बिल का समर्थन
सूत्रों के मुताबिक, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) बिल के समर्थन में वोट डालेंगी।
✅ TDP के तीन प्रमुख सुझाव ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं।
✅ JDU के सुझावों को भी संशोधित बिल में जगह दी गई है।
JDU नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा कि उनकी पार्टी बिल के समर्थन में रहेगी। इससे पहले ऐसी अटकलें थीं कि चंद्रबाबू नायडू की TDP संशय में है और बिल के संशोधनों का अध्ययन करने के बाद ही फैसला लेगी।
क्या होगा आगे?
➡️ 2 अप्रैल को दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश होगा बिल
➡️ 8 घंटे की चर्चा निर्धारित, समय बढ़ाने की संभावना
➡️ भाजपा-कांग्रेस के सांसदों को उपस्थित रहने का निर्देश
➡️ विपक्षी दलों के विरोध के बीच JDU और TDP का समर्थन
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