यह उपलब्धि हासिल करने वाले देश के सिर्फ दूसरे जीवित व्यक्ति हैं जो प्रथमश्रेणी क्रिकेटर और अंतरराष्ट्रीय अंपायर दोनों रहा हो।
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विकेट पर खड़े होकर बल्ला चलाना और बल्ला टांगने के बाद विकेट के सामने खड़े होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैसला सुनाना, ऐसा संयोग कम ही देखने को मिलता है। इंदौर के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर और प्रथमश्रेणी क्रिकेटर नरेंद्र मेनन यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। गुरुवार को मेनन ने जीवन के 75 बसंत पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले देश के सिर्फ दूसरे जीवित व्यक्ति हैं जो प्रथमश्रेणी क्रिकेटर और अंतरराष्ट्रीय अंपायर दोनों रहा हो। एस. वेंकटराघवन ही उनसे पहले ऐसे अकेले प्रथम श्रेणी क्रिकेटर और अंतरराष्ट्रीय अंपायर हैं जिसने 75 वसंत देखे हैं। उन्होंने बीते वर्ष ही यह आंकड़ा छुआ था। विकेटकीपर बल्लेबाज रहे मेनन ने खास चर्चा करते हुए बताया कि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब इतना पैसा और ग्लैमर नहीं था। अभी इंदौर में कैप्टन मुश्ताक अली के नाम पर देशभर की टीमें खेल रहीं हैं, उनके बेटे गुलरेज सहित नरेंद्र दुआ, बीसीसीआइ के पूर्व सचिव संजय जगदाले, अशोक जगदाले, विजय नायडू, भगवानदास सुथार और सुबोध सक्सेना जैसे क्रिकेटर साथ खेले।
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