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Election Countdown 2023 : क्या है सागर विधानसभा सीट का इतिहास और राजनीतिक समीकरण
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Election Countdown 2023 : क्या है सागर विधानसभा सीट का इतिहास और राजनीतिक समीकरण
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डेस्क रिपोर्टर

भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। नवंबर 2023 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। पार्टियों ने मंथन और रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया है। प्रदेश में 230 विधानसभा की सीटें हैं। ये सीटें 10 संभागों में बंटी है। शुरुआत सागर विधानसभा से करते है। सागर जिले में 8 विधानसभा की सीटें हैं : सागर, बीना(अजा), खुरई, सुरखी, देवरी, रेहली, नरयावली(अजा), बंडा। इलेक्शन काउंट डाउन में आज हम बात करेंगे जिले की सागर सीट का और आप को बताएंगे इस सीट का इतिहास और राजनीतिक समीकरण।


क्या कहता है यहां का चुनावी इतिहास 
  1. सागर विधानसभा सीट पर 1990 से 2018 तक कुल 7 विधानसभा चुनाव हुए।
  2. 7 चुनावों में 1 बार कांग्रेस और 6 दफा बीजेपी यहां से विजयी रही।
  3. 1990 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रकाश जैन ने जनता दल के बद्री प्रसाद को 9537 वोटों से हराया था।
  4. 1993 के विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी ने फतह हासिल की थी। बीजेपी की सुधा जैन ने कांग्रेस के प्रकाश जैन को मात्र 669 से हराया था।
  5. 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने फिर बाजी मारी और एक बार फिर सुधा जैन ने परचम लहराया। इस बार वो 3847 वोटों से विजयी हुई। उन्होनें कांग्रेस के प्रेमनारायण मिश्रा को हराया था।
  6. 2003 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सुधा जैन ने  एक बार फिर परचम लहराते हुए कांग्रेस के डाक्टर सुशील तिवारी को 8524 वोटों से हराया।
  7. 2008 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदलते हुए शैलेन्द्र जैन को मैदान में उतारा। शैलेन्द्र जैन ने लंबी बढत के साथ ये चुनाव जीता। उन्होने कांग्रेस के प्रकाश जैन को 20662 वोट से हराया।
  8. 2013 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शैलेन्द्र जैन ने फिर जीत हासिल की। उन्होने कांग्रेस के सुशील तिवारी को 8223 मतों से हराया।
  9. 2018 विधानसभा चुनाव में भी शैलेन्द्र जैन ने बाजी मारी। उन्होने कांग्रेस के नेवी जैन को 17366 वोटों से हराया। 
क्या कहते है समीकरण
ये समीकरण बताते हैं कि बुंदेलखंड की सबसे महत्वपूर्ण सीट सागर बीजेपी का गढ है। कांग्रेस लगातार कोशिश के बाद भी 1990 के बाद एक भी चुनाव नहीं जीत पाई। हालांकि इतिहास बताता है कि वो हर चुनाव में दूसरी नंबर की पार्टी रही है। 2023 में देखना होगा यहां का गणित क्या होगा।

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