शुक्रवार, 13 मार्च 2026
Logo
Election Countdown
क्या है सागर जिले की नरयावली विधानसभा सीट का इतिहास और राजनीतिक समीकरण
अभी-अभी 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
क्या है सागर जिले की नरयावली  विधानसभा सीट का इतिहास और राजनीतिक समीकरण
N
डेस्क रिपोर्टर

भोपाल, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। नवंबर 2023 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। पार्टियों ने मंथन और रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया है। प्रदेश में 230 विधानसभा  सीटें है। ये सीटें 10 संभागों में बंटी हुई है। बुंदेलखंड का सागर जिला चुनाव के हिसाब से काफी अहम माना जाता है। सागर जिले में 8 विधानसभा की सीटें है। सागर,बीना(अजा),खुरई,सुरखी,देवरी,रेहली,नरयावली(अजा) और बंडा । इन 8 सीटों में 6 पर बीजेपी का कब्जा है जबकि 2 सीट कांग्रेस के पास हैं। सागर जिले की नरयावली विधानसभा सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव से यहां बीजेपी के इंजी. प्रदीप लारिया विधायक चुने जा रहे हैं। जबकि बीजेपी लगातार यहां 4 चुनाव जीत की है। कांग्रेस को आखिरी बार 1998 में मिली थी जब कांग्रेस के सुरेन्द्र चौधरी ने जीत हासिल की थी।


सागर जिले की नरयावली सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। 1990 से 2018 तक इस सीट पर कुल 7 चुनाव हुए। इन 7 चुनाव में 5 बार बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की जबकि सिर्फ 2 बार कांग्रेस जीतने में सफल रही है। इस गणित के हिसाब से कहा जा सकता है कि नरयावली सीट बीजेपी की गढ रही है। 2018 विधानसभा का चुनाव बीजेपी के इंजी. प्रदीप लारिया ने 8900 मतों से जीता। लारिया ने कांग्रेस के सुरेन्द्र चौधरी को शिकस्त दी। इंजीनियर प्रदीप लारिया के ये लगातार तीसरी जीत इस सीट पर थी।

क्या कहता है नरयावली विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
1.    नरयावली विधानसभा सीट पर 1990 से 2018 तक कुल 7 चुनाव हुए। इन 7 चुनावों में 5 बार बीजेपी ने जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 बार जीत हासिल कर सकी।
2.    1990 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने यहां से जीत हासिल की थी। उन्होने ये चुनाव 6325 वोटों से जीता था। उन्होने कांग्रेस के उत्तमचंद खटीक को हराया था।
3.    1993 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां से जीत हासिल की। कांग्रेस उम्मीदवार प्यारेलाल चौधरी ने बीजेपी उम्मीदवार नारायण प्रसाद कबीरपंथी को मामूली अंतर से हराया। कांग्रेस उम्मीदवार को सिर्फ 1261 वोंटो से जीत हासिल हुई।
4.    1998 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर जीत हासिल की। कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन्द्र चौधरी ने बीजेपी उम्मीदवार डाक्टर अशोक अहिरवार को 4645 वोटों से हराया।
5.    2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने वापसी की। यहां से बीजेपी उम्मीदवार नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने जीत हासिल की। कबीर पंथी ने कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन्द्र चौधरी को बड़े अंतर से हराया। कबीर पंथी ने ये जीत 25831 वोटों से हासिल की।
6.    2008 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के इंजी.प्रदीप लारिया ने जीता। लारिया ने कांग्रेस की श्रीमति माधवी चौधरी को 14799 मतों से पराजित किया।  
7.    2013 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर जीत का परचम लहराया। बीजेपी प्रत्याशी इंजी प्रदीप लारिया ने कांग्रेस के सुरेन्द्र चौधरी को 16046 वोटों से हराया।
8.    2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप लारिया ने हेट्रिक बनाई। यानि लारिया ने तीसरी बार जीत हासिल की। एक बार फिर लारिया ने कांग्रेस के सुरेन्द्र चौधरी को हराया। जीत का अंतर 8900 रहा।
 
इंजी. प्रदीप लारिया ने मिथक को तोड़ा
नरयावली सीट का ये भी इतिहास रहा है कि यहां से एक बार चुनाव जीतने के बाद कोई भी उम्मीदवार दोबारा चुनाव नहीं जीत पाया। लेकिन इंजी.प्रदीप लारिया ने न केवल तीन चुनाव लगातार जीतकर हेट्रिक बनाई बल्कि उस मिथक को भी तोड़ा है, जिसमें कोई भी उम्मीदवार दोबारा यहां से जीत हासिल नही कर पाया। यही कारण है विधायक लारिया 2023 के लिए अभी से तैयारी में जुटे हैं। कांग्रेस किस रणनीति से यहां सामने होगी ये देखना दिलचस्प होगा।

क्या कहते हैं समीकरण
नरयावली  सीट के ये समीकरण बताते हैं कि अगर 1993 और 1998  का चुनाव छोड़ दिया जाये तो 1990 से लेकर 2018 तक बीजेपी का ही यहां दबदबा रहा है। कांग्रेस के लिए ये सीट हमेशा से ही दूर की कौड़ी रही है। बीजेपी ने 5 बार यहां से जीत हासिल की है। बीजेपी लगातार 4 चुनावों से यहां जीत का परचम लहराये हुए हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2023 का चुनाव भी कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। दूसरी तरफ कांग्रेस के सामने एक संकट प्रत्याशी को लेकर है। क्योंकि सुरेन्द्र चौधरी कई चुनाव हार चुके हैं। दूसरी ओर इंजी.प्रदीप लारिया ने लगातार तीन चुनाव जीतकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। लेकिन देखना होगा 2023 के विधानसभा चुनाव में चैम्पियन कौन होगा। कांग्रेस किस रणनीति और किस प्रत्याशी के साथ मैदान में उतरती है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें