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‘आप खून से नहीं, दिल से जुड़े हैं’ – त्रिनिदाद में पीएम मोदी का ऐलान, बोले- अब छठी पीढ़ी को भी मिलेगा OCI कार्ड
04 जुल, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
‘आप खून से नहीं, दिल से जुड़े हैं’ – त्रिनिदाद में पीएम मोदी का ऐलान, बोले- अब छठी पीढ़ी को भी मिलेगा OCI कार्ड

‘आप खून से नहीं, दिल से जुड़े हैं’ – त्रिनिदाद में पीएम मोदी का ऐलान, बोले- अब छठी पीढ़ी को भी मिलेगा OCI कार्ड

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

त्रिनिदाद और टोबैगो। भारतीय संस्कृति, आस्था और संबंधों की गर्माहट से भरे वातावरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां बसे भारतीय मूल के लोगों को दिल छू लेने वाला तोहफा दिया — उन्होंने कहा कि अब छठी पीढ़ी के भारतीय प्रवासियों को भी ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया (OCI Card) दिया जाएगा।


भारत आपका स्वागत करता है, आपको गले लगाता है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आप सिर्फ खून या उपनाम से नहीं जुड़े, आप भारत से दिल से जुड़े हैं। भारत आपका स्वागत करता है और आपको गले लगाता है।” उन्होंने आगे कहा कि यह कदम भारत और प्रवासी भारतीयों के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेगा।


क्या होता है OCI कार्ड?

OCI कार्ड भारतीय मूल के उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है, जिनके पूर्वज भारत से हैं। यह कार्ड उन्हें भारत में अनिश्चित काल तक रहने, काम करने और संपत्ति खरीदने की सुविधा देता है। ये अजीवन वीजा जैसा दर्जा होता है और प्रवासी भारतीयों को भारत के साथ भावनात्मक और कानूनी संबंध बनाए रखने में मदद करता है।


पीएम ने कमला पर्साद बिसेसर को ‘बिहार की बेटी’ बताया

पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की पूर्व प्रधानमंत्री कमला पर्साद बिसेसर को बिहार की बेटी बताया। उन्होंने कहा, “कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर से थे। वो खुद भी वहां गई हैं और लोग उन्हें बिहार की बेटी कहते हैं। बिहार की विरासत सिर्फ भारत की नहीं, पूरी दुनिया की धरोहर है।”


राम मंदिर और महाकुंभ का जल लेकर गए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने बताया कि वो अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिकृति और सरयू नदी का पवित्र जल साथ लाए हैं। उन्होंने कमला जी से अनुरोध किया कि वह इसे त्रिनिदाद की गंगा धारा में अर्पित करें। पीएम मोदी ने कहा, “आपने अयोध्या के लिए शिलाएं और जल भेजा था। अब मैं आपके लिए महाकुंभ और सरयू नदी का जल लाया हूं।”


रामायण साथ लाए, संस्कृति को जीवंत रखा

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को भारत की सभ्यता का दूत बताते हुए कहा, “आपके पूर्वज गंगा-यमुना छोड़ आए, लेकिन रामायण को दिल में संजोकर लाए। आपने सिर्फ अपने लिए नहीं, इस देश के लिए भी संस्कृति, आस्था और आत्मा का विस्तार किया।”


ब्रायन लारा से निकोलस पूरन तक... खेल और संस्कृति की बात भी

पीएम मोदी ने अपनी 25 साल पुरानी यात्रा को याद करते हुए कहा, “तब हम ब्रायन लारा के शॉट्स पर झूमते थे, आज निकोलस पूरन और सुनील नरेन जैसे युवाओं में वही जोश भरते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत और कैरेबियाई देशों के रिश्ते समय के साथ और भी प्रगाढ़ हुए हैं।


यहां की सड़कों पर बसे हैं भारत के शहर

पीएम मोदी ने बताया कि त्रिनिदाद और टोबैगो की सड़कों पर आज भी बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली जैसे नाम जीवित हैं। उन्होंने कहा, “नवरात्रि, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी जैसी भारतीय परंपराएं यहां पूरी श्रद्धा और उमंग से मनाई जाती हैं। चौताल और बैठक गण जैसे पारंपरिक गीत आज भी यहां गूंजते हैं।”


मोदी की इस यात्रा के मायने क्या हैं?

इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक जुड़ाव, राजनीतिक संबंध और भारतीय विरासत को मजबूती से रखा। उनकी घोषणाएं और भावनात्मक अपील, भारतीय प्रवासियों के दिल को छू गईं। OCI कार्ड को छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का ऐलान न सिर्फ एक कानूनी फैसला है, बल्कि यह भावनात्मक रिश्तों को भी पुनः परिभाषित करता है।

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