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8 दिन का मिशन बना 9 महीने की अंतरिक्ष यात्रा, सुनीता विलियम्स और विलमोर की धरती पर वापसी
19 मार्च, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
8 दिन का मिशन बना 9 महीने की अंतरिक्ष यात्रा, सुनीता विलियम्स और विलमोर की धरती पर वापसी

8 दिन का मिशन बना 9 महीने की अंतरिक्ष यात्रा, सुनीता विलियम्स और विलमोर की धरती पर वापसी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की 8 दिनों की योजना बनाई गई अंतरिक्ष यात्रा 9 महीने लंबी हो गई। वे 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर से अंतरिक्ष में गए थे और अब स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से धरती पर लौटे।


समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग

फ्लोरिडा के तट के पास समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग से पहले स्पेस कैप्सूल ने पैराशूट तैनात किया। सुनीता और विलमोर नासा के निक हेग और रूस के कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ 17 घंटे की यात्रा कर धरती पर लौटे। नासा की टीम ने कैप्सूल खोलकर दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकाला और उन्हें मेडिकल सहायता दी। बाहर निकलते ही सुनीता ने मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया और 'थम्स-अप' का इशारा किया।


कैसे फंसे अंतरिक्ष में?

सुनीता और विलमोर ने बोइंग स्टारलाइनर के पहले क्रू मिशन में उड़ान भरी थी, लेकिन कैप्सूल में प्रपल्शन (ईंधन) से जुड़ी खराबी आ गई। सुरक्षा कारणों से इसे सितंबर में बिना किसी क्रू के पृथ्वी पर वापस भेज दिया गया, जिससे दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में फंस गए। नासा ने फिर स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन में उन्हें शामिल किया और सितंबर में ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भेजकर उनकी वापसी की योजना बनाई। लगातार देरी के बाद अंततः एक राहत टीम रविवार को अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची, जिससे उनकी वापसी संभव हो सकी।


अंतरिक्ष यात्रा के बाद सुनीता और विलमोर के सामने क्या चुनौतियां?

हड्डियों और मांसपेशियों का कमजोर होना: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होने के कारण हड्डियों की घनत्व हर महीने लगभग 1% कम हो जाती है। 


रेडिएशन का खतरा: पृथ्वी के बाहर सुरक्षा ढाल नहीं होती, जिससे उच्च स्तर की विकिरण का सामना करना पड़ता है।


दृष्टि पर असर: लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से दृष्टि कमजोर हो सकती है और स्थायी क्षति भी हो सकती है।


नासा और व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने इन अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़ दिया था। व्हाइट हाउस ने मिशन की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया गया।


अंतरिक्ष में नए रिकॉर्ड

इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष में रहने के नए रिकॉर्ड बने और वैज्ञानिकों को लंबे समय तक मानव शरीर पर गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति के प्रभावों को समझने में मदद मिली। अंतरिक्ष यात्रियों को अब सालों तक स्वास्थ्य निगरानी और पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होगा ताकि वे पूरी तरह से सामान्य जीवन में लौट सकें।

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