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Bangladesh Election 2026: 13वें आम चुनाव और ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर होगा रेफरेंडम, 330 अंतरराष्ट्रीय ऑब्ज़र्वर आमंत्रित
02 फ़र, 2026 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
Bangladesh Election 2026: 13वें आम चुनाव और ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर होगा रेफरेंडम, 330 अंतरराष्ट्रीय ऑब्ज़र्वर आमंत्रित

Bangladesh Election 2026: 13वें आम चुनाव और ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर होगा रेफरेंडम, 330 अंतरराष्ट्रीय ऑब्ज़र्वर आमंत्रित

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

बांग्लादेश में 12 फरवरी को सियासी इतिहास का बड़ा दिन आने वाला है। इसी दिन 13वां जनरल इलेक्शन होगा और साथ ही ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर रेफरेंडम भी कराया जाएगा। इन चुनावों की पारदर्शिता पर दुनिया की नजर रहेगी, इसलिए भारत समेत कई देशों को इंटरनेशनल ऑब्ज़र्वर के तौर पर आमंत्रित किया गया है। फिलहाल भारत ने यह साफ नहीं किया है कि वह आधिकारिक तौर पर इसमें शामिल होगा या नहीं।


330 इंटरनेशनल ऑब्ज़र्वर्स ने दी हामी

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुताबिक अब तक 330 अंतरराष्ट्रीय ऑब्ज़र्वर्स आने की सहमति दे चुके हैं। इनमें

6 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि

16 देश और 32 ग्लोबल पर्सनैलिटीज़ शामिल हैं।

नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, मिस्र, फ्रांस, कुवैत, मोरक्को, नाइजीरिया और रोमानिया जैसे देशों को न्योता भेजा गया है।


EU और OIC जैसे बड़े संगठन भी आएंगे

(OIC) और (EU) समेत कई अंतरराष्ट्रीय मिशनों ने आने की पुष्टि कर दी है। इनमें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के प्रतिनिधि होंगे।


पिछले चुनाव से दोगुने ऑब्ज़र्वर्स

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइज़र के कार्यालय के मुताबिक, 7 जनवरी 2024 को हुए पिछले आम चुनावों की तुलना में इस बार दोगुने ऑब्ज़र्वर्स आने वाले हैं। सीनियर सेक्रेटरी लामिया मुर्शिद ने बताया कि कई देशों ने अभी अपने डेलीगेट्स के नाम कंफर्म नहीं किए हैं, इसलिए संख्या और बढ़ सकती है।


हिंसा के साये में चुनाव

चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे बांग्लादेश में हिंसा और दंगों की घटनाएं बढ़ी हैं। अलग-अलग मामलों में 10 से ज्यादा हिंदुओं की मौत हो चुकी है। हालात बिगड़ते देख भारत ने 21 जनवरी को अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया था। भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि, बांग्लादेश सरकार इन घटनाओं को गलत दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही है, जिसे भारत सिरे से खारिज करता है। भारत का मानना है कि हिंसा की जिम्मेदारी सीधे बांग्लादेश सरकार की है और कानून-व्यवस्था में नाकामी के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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