
एक और झटका! पहले डूबती अर्थव्यवस्था और अब टेक दिग्गज का अलविदा… पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट अब कथित रूप से पाकिस्तान से अपना कारोबार समेट रही है। यह दावा उस शख्स ने किया है, जिसने साल 2000 में पाकिस्तान में माइक्रोसॉफ्ट की नींव रखी थी।
जव्वाद रहमान की पोस्ट ने मचाया हलचल
माइक्रोसॉफ्ट को पाकिस्तान में लॉन्च करने वाले जव्वाद रहमान ने लिंक्डइन पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए जानकारी दी कि कंपनी अब देश छोड़ रही है। उन्होंने लिखा, "यह सिर्फ एक कॉरपोरेट एग्जिट नहीं है, यह उस एनवायर्नमेंट का संकेत है जो हमने खुद बनाया है। जब माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी भी रुकना सही नहीं समझती, तो हमें जरूर पूछना चाहिए कि हमने क्या खो दिया है।"
उन्होंने आगे कहा, "अल्लाह जिसे चाहे उसे इज्जत और मौके देता है… और जिससे चाहे, उससे वापस भी ले सकता है। खासकर जब कोई उनकी कद्र करना भूल जाए।"
कंपनी पहले से कर रही थी ऑपरेशन डाउनसाइज
टेक रडार की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तान में अपना स्टाफ और ऑपरेशन धीरे-धीरे घटा रही थी। अब स्थिति यह है कि सिर्फ 5 लोगों का एक ऑफिस बचा है और मुख्य संचालन बंद कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है।
190 से ज्यादा देशों में है माइक्रोसॉफ्ट का कारोबार
माइक्रोसॉफ्ट आज भी क्लाउड, एआई, साइबर सिक्योरिटी, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के क्षेत्र में दुनिया की टॉप कंपनियों में गिनी जाती है। विंडोज, ऑफिस, ऐज जैसे प्रोडक्ट्स इसके ब्रांड आइकन हैं। कंपनी का नेटवर्क 190+ देशों में फैला हुआ है — लेकिन अब पाकिस्तान इससे बाहर होता दिख रहा है।
देश की साख पर सवाल! पूर्व राष्ट्रपति ने भी जताई चिंता
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अलवी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, "माइक्रोसॉफ्ट का पाकिस्तान से बाहर जाना हमारे आर्थिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यह इस ओर इशारा करता है कि हम विदेशी निवेशकों और ग्लोबल कंपनियों के लिए आकर्षक नहीं रह गए हैं।"
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