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डेस्क रिपोर्टर
म्यूनिख, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच संकट दिनों दिन बढ़ते जा रहा है। लाखों की तादाद में सैनिक मोर्चों पर डटे हुए हैं। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बताया कि, सबूत बता रहे हैं कि 1945 के बाद रूस यूरोप में सबसे बड़ी जंग छेड़ने जा रहा है। इस जंग को लेकर काम भी शुरू हो चुका है। उधर अमेरिकी वाइट हाउस ने बोला कि, किसी भी वक्त रूस जंग शुरू कर सकता है। इन हालात पर विचार करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बुलाई है। वही गंभीर हालात को देखते हुए नाटो ने यूक्रेन की राजधानी कीव में अपने दोनों दफ्तर बंद कर दिए हैं।
ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने बीबीसी को बताया कि, खुफिया जानकारी के अनुसार, रूस ने यूक्रेन की राजधानी को चारों तरफ से घेरकर उसपर हमला करने की योजना बना रहा है। म्यूनिख में सालाना सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में विश्व नेताओं के साथ विचार विमर्श के बात बोरिस जॉनसन ने बताया कि, जिस तरह से मामला बढ़ रहा है और रूस के इरादे देखकर साफ नजर आ रहा है कि वो ऐसी जंग छेड़ने वाला है, जो सन 1945 बाद यूरोप में सबसे भयानक होगी। पर उन्हें ये समझना बेहद जरूरी है कि जंग से किसी का भला नहीं हुआ है और न होगा। इसमें दोनों ही तरफ के जान माल का नुकसान होगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पश्चिमी देशों के राष्ट्र प्रमुखों को खुफिया सूत्रों के द्वारा से जानकारी दी है कि रूसी फौजें यूक्रेन में ही नही बल्कि बेलारूस और कीव के आसपास के हिस्सों से भी घुसने की तैयारी में हैं।
अमेरिकी सरकार के ताजा अनुमान के अनुसार, रूस ने अपने एक लाख 90 हजार से अधिक सैनिक यूक्रेन सीमा के आसपास और बेलारूस में तैनात किए हुए हैं। इन सब में पूर्वी यूक्रेन के बागी भी उसका साथ निभा रहा है। वहीं रूस हमले की बात को लेकर लगातार इनकार करता आ रहा है। उसका कहना है कि उसकी फौजें सिर्फ सैन्य अभ्यास के लिए ही इकट्ठा हुई हैं। पर अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों का यह दावा है कि रूस महाजंग छेड़ने में लगा हुआ हैं।
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