
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी आजकल हिंदी जानने वाले लोगों की अपनी सेना में भर्ती कर रही है। माना जा रहा है कि भारत के खिलाफ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर खुफिया जानकारी जुटाने और अन्य इनपुट्स प्राप्त करने के लिए चीनी सेना ने ये कदम उठाया है। जानकारी के मुताबिक वेस्टर्न थिएटर कमांड के तहत तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट इस साल जून तक भर्ती अभियान की योजना बना रहा है। बता दें कि पीएलए की वेस्टर्न थियेटर कमांड भारत के साथ चीन की सीमाओं की देखरेख करती है।
पीएलए कर रहा हिंदी भाषियों की भर्ती
चीनी सेना की वेस्टर्न थिएटर कमांड ही भारत से लगती सीमा की सुरक्षा का काम देखती है। तिब्बत मिलिट्री डिस्ट्रक्शन एलएसी के निचले हिस्से पर सुरक्षा का काम दिखती है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्य और उत्तराखंड से लगती है। इसके अलावा लद्दाख की निगरानी करने वाली शिंजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट भी इसी कमांड के अंतर्गत काम करती है। खुफिया जानकारी से पता चला है कि तिब्बत सैन्य जिले के कर्मियों ने पिछले 2 महीने में पीएलए में हिंदी भाषा बोलने वालों के लिए सेना में कितना काम है इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। इसी सिलसिले में चीन के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का दौरा किया जा रहा है।
हिंदी जानने वाले तिब्बतियों की भर्ती कर रही चीनी सेना
पिछले कई महीनों में खुफिया सूचनाओं ने सुझाव दिया था कि पीएलए सक्रिय रूप से तिब्बतियों की भर्ती कर रहा था, जो कि भारत की उत्तरी सीमा के साथ अपने शिविरों के लिए हिंदी बोल सकते हैं। खुफिया जानकारी और अन्य इनपुट्स को इकट्ठा करने के लिए पीएलए अपनी सैनिकों को हिंदी में तेजी से प्रशिक्षण देने के बारे में भी योजना बना रहा है।
भारत भी सिखा रहा चीनी भाषा
बता दे कि भारत भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी तैयारी कर रहा है। पिछले दिनों भारतीय सेना ने अपने जवानों के लिए तिब्बतोलॉजी का कोर्स शुरू किया था, इसके साथ ही भारतीय सेना ने चीन की मंदारिन भाषा को सीखने का कोर्स भी शुरू किया है। हाल ही में भारतीय सेना की त्रिशक्ति कॉर्प्स ने ट्वीट किया था कि, तिब्बतोलॉजी कोर्स का पहला बैच सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इसके साथ ही सेना ने कैप्शन में लिखा था, 'भाषा संस्कृति के लिए एक रोडमैप है।'
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