
डेस्क रिपोर्टर
News World Deskलंदन, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। सूरज इस समय सक्रिय है उसके चारों तरफ इस समय करीब 111 सनस्पॉट यानी सौर धब्बे है। यह सारे सक्रिय है लेकिन सब विस्फोट नहीं कर रहे हैं। इसमें से कुछ ही विस्फोट कर रहे हैं। यानी सौर लहरें फेंक रहे हैं। चूंकि लहरें धरती तक की तरफ नहीं थी इसलिए इसका असर नहीं हुआ। अगर यह तूफान धरती पर आता तो संचार और बिजली ग्रिड की सप्लाई बिगड़ जाती। यह दबाव स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के हेलियोसीस्मोलॉय विभाग के एस्ट्रोनॉमर जुनवी झाओ ने किया है।
उन्होंने कहा कि 15 फरवरी का विस्फोट बहुत बड़ा था। यह साल 2017 सितंबर के बाद रिकॉर्ड की गई सबसे बड़ी सौर लहर थी। भविष्य में ऐसी तेज लहरें धरती की तरफ आ सकती है। सूरज फरवरी महीने में हर दिन लहरें फेक रहा है। किसी-किसी दिन तो कई लहरें देखने को मिल रही है। 12, 14 और 15 फरवरी की लहरें अंतरिक्ष में दूर तक गई थी।
उन्होंने कहा, धरती के सामने 11 साल बाद खतरा आएगा। सूर्य हर 11 साल में अपनी साइकिल बदलता है, यानी अपनी लहरों की दिशा बदलता है। यह तब होता है जब सूरज की मैग्नेटिक फील्ड हर 11 साल में उत्तर से दक्षिणी ध्रुव की तरफ आती है।
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