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अमरीका के पूर्व NSA ने खोला बड़ा राज़, ‘पाकिस्तान में बिज़नेस डील्स की वजह से बिगाड़े रिश्ते’
02 सित, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
अमरीका के पूर्व NSA ने खोला बड़ा राज़, ‘पाकिस्तान में बिज़नेस डील्स की वजह से बिगाड़े रिश्ते’

अमरीका के पूर्व NSA ने खोला बड़ा राज़, ‘पाकिस्तान में बिज़नेस डील्स की वजह से बिगाड़े रिश्ते’

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारत और अमेरिका के दशकों पुराने रिश्तों में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने बड़ी दरार पैदा कर दी है। ट्रंप ने भारत के खिलाफ ‘टैरिफ वॉर’ छेड़ते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों को कमजोर किया। भारत ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर अमेरिका के दबाव में नहीं झुकेगा। ट्रंप के इस कदम की आलोचना न केवल भारत में बल्कि अमेरिका और दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन ने भी ट्रंप पर करारा हमला बोला है।


ट्रंप ने पाकिस्तान में अपने परिवार के बिज़नेस के लिए...

एक इंटरव्यू में जेक सुलिवन ने कहा, “पाकिस्तान की ट्रंप के परिवार के साथ बिज़नेस डील्स के कारण ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों को खराब कर दिया है। यह अपने आप में एक बड़ा रणनीतिक नुकसान है, क्योंकि मजबूत भारत-अमेरिका संबंध हमारे हित में हैं।” सुलिवन, जो जो बाइडन सरकार में एनएसए रहे, ने साफ कहा कि ट्रंप के इस रवैये से न सिर्फ भारत-अमेरिका रिश्तों में दूरी आई है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अमेरिका की साख पर सवाल खड़े हुए हैं।


कई दशकों पुराने रिश्तों को किया दरकिनार

सुलिवन ने आगे कहा, “भारत से संबंधों में पड़ी दरार, ट्रंप की विदेश नीति का सबसे कमजोर फैसला है। अमेरिका कई दशकों से भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, के साथ संबंध मजबूत करने पर काम करता रहा है। हमें तकनीक, प्रतिभा, अर्थव्यवस्था और चीन से रणनीतिक खतरे से निपटने में भारत के साथ तालमेल रखना चाहिए था, लेकिन ट्रंप ने दशकों पुराने रिश्तों को दरकिनार कर दिया।”


दूसरे देश भी खो देंगे भरोसा

सुलिवन ने यह भी चेतावनी दी, “जर्मनी, जापान या कनाडा जैसे देश भी इस स्थिति को देख रहे हैं और सोचेंगे कि भविष्य में उनके साथ भी ऐसा हो सकता है। जब अमेरिका अपने मित्र देशों का भरोसा तोड़ता है तो यह हमारी ताकत को कमजोर करता है। हमें अपनी बात पर खरा उतरना चाहिए। भारत के साथ जो हो रहा है, उसका असर न केवल हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि दुनिया भर में हमारे सभी साझेदारियों पर गहरा असर डालेगा।”

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