
दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में युवा पीढ़ी का आक्रोश सड़कों पर फट पड़ा है। Gen-Z कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रपति जोस जेरी के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। राजधानी लीमा सहित कई शहरों में प्रदर्शन उग्र हो गए हैं। इन झड़पों में कम से कम 1 नागरिक की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने राजधानी लीमा में आपातकाल की घोषणा कर दी है।
संसद के बाहर प्रदर्शन, कार्डबोर्ड गुड़िया जलाई
15 अक्टूबर को हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन के बाहर जमा हुए। भीड़ ने पेंशन सुधार, कम वेतन, बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर गुस्सा जाहिर किया।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति जेरी के पुतले के रूप में कार्डबोर्ड गुड़िया जलाकर अपना विरोध जताया। यह आंदोलन 10 अक्टूबर को राष्ट्रपति के शपथ लेने के तुरंत बाद शुरू हुआ—जेरी देश के पिछले एक दशक में सातवें राष्ट्रपति हैं।
100 से ज्यादा लोग घायल
पेरू लोकपाल कार्यालय के मुताबिक, हिंसक झड़पों में 24 प्रदर्शनकारी और 80 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
राष्ट्रपति जोस जेरी ने कहा, “मैं इस घटना से दुखी हूं। हिंसा समाधान नहीं है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगा, लेकिन जांच में पूरा सहयोग करूंगा।”
टिकटॉक से शुरू हुआ ‘Gen-Z आंदोलन’
यह आंदोलन Gen-Z युवाओं का संगठित विद्रोह बन चुका है, जो टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैल रहा है। समाजशास्त्र प्रोफेसर ओमार कोरनेल ने कहा, “पेंशन सुधार के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक विद्रोह में बदल गया है।”
“सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है”
पिछले एक दशक में पेरू ने सात राष्ट्रपति बदलते देखे हैं, जिससे जनता का भरोसा टूट चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, राष्ट्रपति जेरी ने इस्तीफे की मांग खारिज करते हुए कहा है कि वे देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जांच शुरू, पुलिस की भूमिका पर सवाल
अभियोजक कार्यालय ने प्रदर्शन के दौरान मारे गए नागरिक रुइज की मौत की जांच शुरू कर दी है। इसमें यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका तो नहीं रही।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

