
वॉशिंगटन डी.सी.। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में ऐतिहासिक मुलाकात ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक नया अध्याय जोड़ दिया। यह पहली बार था जब पीएम मोदी ने ट्रंप के चुनावी जीत के बाद अमेरिका की आधिकारिक यात्रा की और उनसे मुलाकात की।
"I Miss You," ट्रंप का मोदी को गर्मजोशी भरा स्वागत
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत कुछ खास अंदाज में किया और कहा—"I Miss You, हमने आपको बहुत मिस किया!" इस पर पीएम मोदी ने भी अपनी दोस्ती को मजबूत करते हुए जवाब दिया—"हमारे मिलने का मतलब है एक और एक ग्यारह।"
व्यापार, टैरिफ और आप्रवासन पर हुई अहम चर्चा
व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें खासतौर पर व्यापार, टैरिफ और आप्रवासन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया, गले मिले और फिर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा—"राष्ट्रपति ट्रंप अपने देश को प्राथमिकता देते हैं, और मैं भी ऐसा ही करता हूं। यही हमारी समानता है।"
ट्रंप ने मोदी की सराहना करते हुए कहा—"वह भारत में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और हम दोनों की दोस्ती गहरी है। हम भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करेंगे।"
बांग्लादेश संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी हुई चर्चा
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया ने रूस-यूक्रेन युद्ध और बांग्लादेश संकट को लेकर सवाल किए। ट्रंप ने स्पष्ट किया—"अमेरिका का बांग्लादेश में कोई हस्तक्षेप नहीं था और मैं इस मुद्दे को पीएम मोदी पर छोड़ता हूं।"
पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा—
"भारत तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में खड़ा है। जब मैंने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की, तो मैंने कहा था कि ‘यह युद्ध का समय नहीं है।’ समाधान सिर्फ बातचीत से संभव है।"
मोदी को बताया ‘महान नेता’, बड़े व्यापारिक सौदों का संकेत
ट्रंप ने व्यापार और टैरिफ के मुद्दे पर बोलते हुए मोदी को "महान नेता" बताया और कहा—
"हम भारत और अमेरिका के बीच कुछ अद्भुत व्यापार सौदे करने जा रहे हैं।"
हालांकि, ट्रंप ने बैठक से कुछ घंटे पहले "प्रतिस्थापनात्मक टैरिफ" की घोषणा कर दी थी, जिससे इस वार्ता का महत्व और बढ़ गया। भारत के लिए इस बैठक का मुख्य फोकस था—उच्च टैरिफ से बचाव और व्यापार संबंधों को और बेहतर बनाना।
पीएम मोदी की 10वीं अमेरिकी यात्रा
यह प्रधानमंत्री मोदी की 10वीं अमेरिकी यात्रा थी और ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी चौथी यात्रा। 2024 में जो बाइडन ने भी उन्हें आधिकारिक राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। पीएम मोदी की पहली अमेरिकी यात्रा 2014 में हुई थी, जब राष्ट्रपति बराक ओबामा थे।
भारत-अमेरिका संबंधों में नया दौर!
यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि इससे भारत और अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत मिला। दोनों नेताओं की दोस्ती और व्यापारिक साझेदारी आने वाले समय में वैश्विक राजनीति पर गहरा असर डाल सकती है।
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