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पिसोचिन में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए भारत तैयार, 298 छात्रों के लिए चलाई
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पिसोचिन में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए भारत तैयार, 298 छात्रों के लिए चलाई

पिसोचिन में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए भारत तैयार, 298 छात्रों के लिए चलाई

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डेस्क रिपोर्टर
कीव, न्यूज वर्ल्ड डेस्क। रूस और युक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षित वापसी जारी है। शनिवार यानी आज पिसोचिन में फंसे नागरिकों तक भारतीय अधिकारी पहुंच रहे हैं।  इसकी सूचना यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने दी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय अधिकारी  बस रास्ते में ही हैं और यहां जल्द आने की उम्मीद है। शुक्रवार को भारत ने रूस और यूक्रेन से युद्धविराम की अपील की थी, ताकि वहां फसें लगभग 3 हजार भारतीयों को मुश्किल क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, यूक्रेन में भारत के दूतावास ने बताया कि,  खारकीव में पिसोचिन से 298 भारतीय छात्रों को सही सलामत निकालने के लिए   बसों की व्यवस्था की गई है।’ इसमें खास बात यह है कि गुरुवार और शुक्रवार को भारतीय अधिकारियों ने पांच बसों के जरिए दर्जनों छात्रों को पिसोचिन से बाहर निकाला था। जिसके बाद उन्हें  लीव और मोलडोवा सीमा पर ले जाया गया था।

इससे पहले मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी देते हुए बताया था कि, फिलहाल सरकार का अभी पूरा ध्यान यूक्रेन में संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय को सुरक्षित देश लाना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  खारकीव में अनुमानित 300, सुमी में 700 से अधिक और लगभग  1000 भारतीय पिसोचिन में फंसे हुए हैं। पिसोचिन, खारकीव से लगभग 10 किमी दूर एक गांव है।

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