
26 मासूमों की जान लेने वाले आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर राजनीतिक, कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे खोल दिए हैं। पाकिस्तान डरा हुआ है, बौखलाया हुआ है और इसी डर में उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की शरण ली, लेकिन वहां भी उसे मुंह की खानी पड़ी।
भारत ने उठाए सख्त कदम – सिंधु जल समझौता और वीजा नीति पर फेरबदल
भारत ने आतंक के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ कड़े फैसले लिए हैं – सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार, पाक नागरिकों के वीजा रद्द, व्यापारिक रिश्तों में पूर्ण विराम और यहां तक कि पाक नागरिकों को देश से निकालने की कार्रवाई की जा रही है।
UNSC मीटिंग में पाकिस्तान की फजीहत – नहीं मिला कोई समर्थन
पाकिस्तान की मांग पर सोमवार को बंद दरवाजों के पीछे UNSC की बैठक हुई। डेढ़ घंटे चली इस मीटिंग के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ, जिससे पाकिस्तान का मकसद अधूरा रह गया।
भारत में उबाल, पाकिस्तान में खौफ
हमले के बाद पूरे भारत में रोष है, वहीं पाकिस्तानी सेना और सरकार इस आशंका में जी रही हैं कि भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई कभी भी हो सकती है।
भारत का संदेश साफ – आतंक का जवाब हर मोर्चे पर मिलेगा
मोदी सरकार की नीति स्पष्ट है: आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कूटनीतिक स्तर से लेकर रणनीतिक स्तर तक, हर जरिया इस्तेमाल किया जाएगा।
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