
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जंग की आग बुझने से पहले ही फिर भड़क गई! इजराइल ने जब दुनिया को बताया कि वह सीजफायर मान चुका है, तभी ईरान ने युद्ध विराम को धत्ता बताते हुए मंगलवार दोपहर ज़मीन-आसमान दहला दिया। उत्तरी इजराइल में सायरन गूंज उठे, लोग बंकरों में छुपने को मजबूर हो गए। इजराइली सेना ने हमले की पुष्टि की है और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सेना को खुली छूट दे दी है कि तेहरान को करारा जवाब दिया जाए।
इजराइल ने रोका हमला, ट्रम्प ने दिलाया भरोसा
दरअसल, इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अचानक ऐलान किया कि इजराइली सेना अब हमला नहीं करेगी क्योंकि उसका मकसद पूरा हो गया है। यही नहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। ट्रम्प ने जंग के 12वें दिन सीजफायर का ऐलान करते हुए कहा कि अगले 6 घंटों में युद्ध पूरी तरह रुकेगा। लेकिन हालात कुछ और ही कहानी कह रहे हैं।
ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें, 5 की मौत
ट्रम्प के ऐलान के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं हुआ। ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कहा कि इजराइल से अभी कोई अंतिम युद्धविराम नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इजराइल हमला रोकेगा, तभी ईरान भी रुकेगा। लेकिन इसके उलट कुछ ही देर बाद ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की बरसात कर दी। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने 6 बार मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल बीर्शेबा शहर में इमारत पर आ गिरी। इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
अब क्या होगा?
इस हमले के बाद इजराइल ने भी अपनी सेना को पलटवार के लिए तैयार रहने को कहा है। रक्षा मंत्री काट्ज ने साफ कर दिया कि अब तेहरान पर जोरदार हमला किया जाएगा। इस बीच उत्तरी इजराइल में फिर सायरन बजने लगे हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। दुनिया की निगाहें अब इस पर हैं कि क्या यह जंग और लंबी चलेगी या कूटनीति से हालात संभलेंगे।
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