
यरुशलम/तेहरान। इजराइल और ईरान के बीच बीते 12 दिन से चल रही जंग आखिरकार मंगलवार को थम गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद सुबह 3:30 बजे सीजफायर की घोषणा की गई। दिलचस्प बात ये कि दोनों देशों ने खुद को विजेता बताया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह जीत पीढ़ियों तक याद की जाएगी। वहीं ईरान ने भी तेहरान में ‘विक्ट्री सेलिब्रेशन’ का आयोजन कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की।
12 दिन में जंग का पूरा लेखा-जोखा – 10 पॉइंट्स में पढ़ें
1️⃣ शुरुआत: 13 जून को इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला कर जंग की शुरुआत की।
2️⃣ सीजफायर: 12 दिन बाद अमेरिका की पहल पर संघर्ष रुका, लेकिन ईरान ने सीजफायर के बावजूद दो मिसाइलें दागीं।
3️⃣ इजराइल में नुकसान: ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजराइल में 28 लोगों की मौत हुई, जिनमें 27 आम नागरिक थे।
4️⃣ विस्थापन: इजराइल में 3238 लोग घायल हुए और 9000 से ज्यादा लोगों को घर छोड़ना पड़ा।
5️⃣ ईरान का हमला: ईरान ने करीब 550 मिसाइलें और 1000 ड्रोन छोड़े। इजराइल ने 90% मिसाइलें और 99% ड्रोन मार गिराए।
6️⃣ सीमित क्षति: ईरान की केवल 31 मिसाइलें आबादी वाले इलाकों में गिरीं, एक ड्रोन ही घर से टकराया।
7️⃣ इजराइल का पलटवार: इजराइल के जवाबी हमलों ने ईरान की दो-तिहाई मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता और 80 से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिए।
8️⃣ परमाणु वैज्ञानिकों पर हमला: इजराइल ने ईरान के 15 बड़े न्यूक्लियर वैज्ञानिकों को मार गिराया।
9️⃣ सैन्य नुकसान: इजराइल के हमलों में ईरान के 30+ टॉप सैन्य अधिकारी और सैकड़ों IRGC सैनिक मारे गए।
???? नागरिक हताहत: ईरान ने माना कि इजराइली हमलों में उसके 610 आम नागरिक मारे गए हैं।
ईरान बोला- न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं रुकेगा!
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश किसी भी कीमत पर न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं रोकेगा। उनका कहना है कि इस तकनीक को पाने के लिए उनके वैज्ञानिकों ने बलिदान दिए हैं और वो रुकने वाले नहीं हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दी थी सीजफायर की जानकारी
दोनों देशों में सीजफायर की खबर सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार तड़के 3:30 बजे सोशल मीडिया पर दी। इसके कुछ घंटे बाद दोनों देशों के नेताओं ने जीत के दावे किए।
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