
मध्य पूर्व में भड़के इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का तीखा बयान सामने आया है। ट्रम्प ने सीधे तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाने पर लिया और कहा कि “मैंने खामेनेई को एक भयानक और अपमानजनक मौत से बचाया।” ट्रम्प ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर साझा की है।
ट्रम्प बोले – “खामेनेई झूठ बोल रहे हैं, उन्होंने युद्ध नहीं जीता”
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा, “ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई इतनी बेशर्मी से यह कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने इजराइल से युद्ध जीत लिया? यह पूरी तरह झूठ है। एक धार्मिक व्यक्ति को झूठ नहीं बोलना चाहिए। उनका देश बर्बाद हो गया है, उनके तीन बड़े परमाणु ठिकाने नष्ट हो चुके हैं। मैंने जानबूझकर उन्हें उस बदसूरत और अपमानजनक मौत से बचाया जो उनका इंतज़ार कर रही थी। मुझे उनसे धन्यवाद की उम्मीद नहीं है, लेकिन झूठ बोलना भी ज़रूरी नहीं है।”
“मैंने इजराइल और अमेरिकी सेना को उनकी हत्या से रोका” – ट्रम्प
ट्रम्प ने आगे कहा कि “ईरान आज गुस्से और दुश्मनी के रास्ते पर है। यही कारण है कि उनकी सेना, अर्थव्यवस्था और भविष्य सब बर्बाद हो चुका है।” उन्होंने दावा किया कि अगर वे चाहते तो ईरान के सर्वोच्च नेता को खत्म कर सकते थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया।
इजराइल के रक्षा मंत्री ने दी थी चेतावनी
इससे पहले इजराइल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने धमाकेदार बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “हम खामेनेई को खत्म करना चाहते थे। अगर वे हमारी पहुंच में होते, तो हम उन्हें मार देते। हमें इसके लिए अमेरिका की इजाजत की जरूरत नहीं है।”
ईरानी राष्ट्रपति बोले – “जवाब न देते तो पूरा इलाका जल उठता”
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इजराइल के हमले का बचाव करते हुए कहा, “अगर हम जवाब नहीं देते, तो पूरे क्षेत्र में बड़ा और बेकाबू युद्ध छिड़ जाता। इजराइल ने हमारी जमीन पर हमला किया था और हमने संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार उसका जवाब दिया।”
कतर की मध्यस्थता से हुआ सीजफायर
गौरतलब है कि इस भयंकर टकराव के बाद कतर की मध्यस्थता से ईरान और इजराइल के बीच युद्धविराम समझौता हुआ है। लेकिन युद्धविराम के बावजूद राजनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर तलवारें अब भी खिंची हुई हैं।
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