
तेहरान/यरुशलम। मध्य-पूर्व में हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। इजराइल ने ईरान के अराक स्थित हेवी वॉटर न्यूक्लियर रिएक्टर को निशाना बनाकर हमला किया है। यह वही रिएक्टर है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का नाभिक माना जाता है। हमले से कुछ घंटे पहले इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने अराक और खोंडब के लोगों को इलाके खाली करने की चेतावनी दी थी।
क्या है अराक और खोंडब की अहमियत?
अराक में स्थित IR-40 हेवी वॉटर रिएक्टर ईरान के प्लूटोनियम उत्पादन कार्यक्रम का मुख्य केंद्र है। इसके जरिये बड़े पैमाने पर हथियारों में उपयोग आने वाला रेडियोधर्मी पदार्थ तैयार किया जाता है। वहीं खोंडब, जो अराक से करीब 40 किलोमीटर दूर है, वहां भी यही तकनीक आधारित रिएक्टर है। दोनों रिएक्टरों को IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की निगरानी में रखा गया है।
जंग के सातवें दिन बड़ा मोड़
इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है।
➡️ ईरान में अब तक 639 मौतें और 1329 घायल (ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार)
➡️ इजराइल में 24 लोगों की मौत, 600 से ज्यादा घायल
इजराइल ने बुधवार को परमाणु ठिकानों पर सीधा हमला कर दुनिया को संकेत दे दिया कि ये जंग अब सिर्फ सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक स्तर पर गंभीर होती जा रही है।
इजराइली हैकर्स की साइबर स्ट्राइक
इजराइली हैकर्स ने ईरान की सरकारी टीवी चैनल IRIB समेत कई राष्ट्रीय मीडिया चैनल को हैक कर लिया।
➡️ टीवी पर 2022 के ईरान विरोधी आंदोलन के फुटेज चलाए गए
➡️ महिलाओं के बाल काटने वाले वीडियो और “बगावत करो” जैसे संदेश प्रसारित किए गए
➡️ ईरानी सरकार ने हमले की पुष्टि की लेकिन विस्तृत विवरण नहीं दिया
क्या दुनिया परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इजराइली हमले में अराक रिएक्टर को गंभीर नुकसान पहुंचा है, तो यह ईरान को सीधे जवाबी परमाणु रणनीति की ओर ले जा सकता है। साथ ही अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश भी अपने-अपने गुटों में तैयारी की स्थिति में जा सकते हैं।
भारत समेत कई देशों की निगाहें टिकीं
भारत समेत दुनियाभर के देशों की नजरें इस पर बनी हुई हैं कि यह टकराव कितनी दूर जाएगा। भारत ने अभी तक इस मसले पर शांति की अपील की है और अपने नागरिकों को ईरान-इजराइल क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
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