
नई दिल्ली। जापान को पछाड़कर जर्मनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। गुरुवार को जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है। पिछले साल जापान की इकॉनमी 1.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी लेकिन इसके बावजूद वह जर्मनी से पिछड़ गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023 के लिए डॉलर के संदर्भ में जापान का नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद 4.2 ट्रिलियन डॉलर था। इसकी तुलना में जर्मनी ने 4.5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ विश्व स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया। रैंकिंग में यह बदलाव विशेष रूप से येन के मूल्य में गिरावट के कारण है, जो 2022 और 2023 में डॉलर के मुकाबले 18 प्रतिशत से अधिक गिर गया। इसमें पिछले साल सात प्रतिशत की गिरावट भी शामिल है। नकारात्मक ब्याज दरों को बनाए रखने के बैंक ऑफ जापान के फैसले ने भी मुद्रा की गिरावट में योगदान दिया।
कभी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था जापान
घटती जनसंख्या और कम जन्म दर का सामना कर रहे जापान ने 2023 की आखिरी तिमाही में अपनी अर्थव्यवस्था में 0.1 प्रतिशत की गिरावट को देखा। 1960 के दशक के अंत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने से लेकर चौथे स्थान पर खिसकने तक जापान सफर एक जटिल आर्थिक इतिहास को बता रहा है।
किसी जमाने में जापान अमेरिका को पछाड़ने के करीब पहुंच गया था लेकिन 1990 के दशक में उसकी इकॉनमी में ठहराव आ गया था। साल 2010 में जापान को पछाड़कर चीन दुनिया की दूसरी इकॉनमी बन गया और आज उसका साइज जापान से करीब चार गुना बड़ा है। दूसरी ओर जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी है लेकिन उसे भी कई मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। यहां तक कि उसे यूरोप का बीमार कहा जाने लगा है। जनवरी में देश को फाइनेंस मिनिस्टर क्रिश्चन लिंडनर ने कहा था कि जर्मनी बीमार नहीं है बल्कि थोड़ा थक गया है। उनका कहना था कि देश अभी लो ग्रोथ की स्थिति से गुजर रहा है जो वेक-अप कॉल की तरह है।
भारत की इकॉनमी
जापान और जर्मनी जहां संघर्ष कर रहे हैं, वहीं भारत की इकॉनमी रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है। पिछले साल भारत की इकॉनमी सबसे तेजी से बढ़ी थी और आईएमएफ के मुताबिक अगले दो साल भी ऐसा ही अनुमान है। भारत अभी अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं बड़ी इकॉनमी है। जर्मनी में महंगाई चरम पर है, एनर्जी की कीमत आसमान छू रही है और ग्रोथ में ठहराव आ गया है। जापान और जर्मनी की आबादी में बुजर्गों की संख्या बढ़ रही है, प्राकृतिक संसाधन घट रहे हैं और कारों के एक्सपोर्ट्स में उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है। आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक भारत के साल 2026 में जापान और 2027 में जर्मनी से आगे निकलने का अनुमान है। लेकिन जापान और जर्मनी में जिस तरह के हालात हैं, उससे भारत के जल्ही ही इन देशों से आगे निकलने का अनुमान है। फोर्ब्स के मुताबिक अभी अमेरिका 27.974 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। चीन 18.566 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे, जर्मनी 4.730 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे और जापान 4.291 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथे नंबर पर है। भारत 4.112 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं बड़ी इकॉनमी है।
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