
वेनेजुएला की राजधानी कराकस शनिवार तड़के अचानक धमाकों की आवाजों से गूंज उठी। भारतीय समयानुसार करीब रात 2 बजे एक के बाद एक करीब 7 जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर इधर-उधर भागते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग जान बचाने के लिए कैसे दौड़ते हुए भाग रहे हैं। अभी तक इस हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन शहर का यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है और कई इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है।
एक-एक कर गूंजे 7 धमाके, पूरा शहर सहम उठा
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाके अचानक शुरू हुए और कुछ ही मिनटों के भीतर लगातार सात बार तेज विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। कराकस के कई मुख्य रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घटना के बाद लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर भागते नजर आए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें लगा जैसे शहर पर सीधा हमला हो रहा हो। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शहर में फैली दहशत साफ नजर आती है।
CBS का बड़ा दावा – ट्रंप के आदेश पर हुआ हमला
अमेरिकी मीडिया चैनल CBS न्यूज ने इस हमले को लेकर बड़ा दावा किया है। CBS के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि यह हमला सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि वेनेजुएला सरकार ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि अमेरिका की ओर से सैन्य हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मादुरो ने किया नेशनल इमरजेंसी का ऐलान!
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है। बताया जा रहा है कि राजधानी समेत कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
हालांकि सरकारी स्तर पर अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि धमाके किन ठिकानों पर हुए और नुकसान कितना हुआ है, लेकिन राष्ट्रपति कार्यालय और रक्षा मंत्रालय की ओर से आपात बैठकें चल रही हैं।
अमेरिका-वेनेजुएला में क्यों बढ़ा तनाव?
इस हमले के पीछे की वजहें बीते कुछ दिनों से बन रहे अमेरिका-वेनेजुएला तनाव से जुड़ी मानी जा रही हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की चार तेल कंपनियों पर नई पाबंदियां लगा दी थीं। इससे पहले भी अमेरिका वेनेजुएला पर लगातार दबाव बनाता रहा है।
इतना ही नहीं, इससे पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के एक डॉक पर हमले की बात खुद स्वीकार की थी। उस समय भी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कार्रवाई की पुष्टि की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि कराकस में हुए धमाके उसी रणनीति का अगला कदम हो सकते हैं।
दुनिया की नजरें कराकस पर
धमाकों के बाद पूरी दुनिया की नजरें कराकस पर टिकी हैं। अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन या संयुक्त राष्ट्र की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच यह तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

